एक्सचेंज ट्रेड फंड (ETF)क्या है |Definition,How Important is ETF|

अगर आप शेयर बाजार के जानकार हो तो आपने ETF का नाम तो सुना ही होगा और यदि आप इस फील्ड में नए हो तो आज मैं आपको बताऊँगा की आखिर एक्सचेंज ट्रेड फंड (ETF)क्या है |Definition,Importance of ETF|

नमस्कार दोस्तों!!!!!

मैं Writerraaz आपका मेरे इस नए पोस्ट पर हार्दिक स्वागत और करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि जिस उम्मीद के साथ आपने गूगल पर ETF के बारे मे सर्च किया है उसी तरह की जानकारी हम आपको देने की जवाबदारी लेते हैं.

तो चलिए शुरू करते हैं :–

ETF का पूरा नाम :–

Exchange Traded Fund

ETF क्या होता है ?

ETF यानी Exchange Traded Fund शेयर मार्केट में लिस्टेड और ट्रेड होने वाला फंड हैं. NFO की समयावधि के दौरान फंड हाउस से खरीदने के लिए ये उपलब्‍ध होते हैं. NFO के बाद ही फंड की यूनिटें जो हैं वो शेयर मार्केट में लिस्‍ट की जाती हैं,तत्पश्चात ही इन्‍हें वहां से खरीदा और बेचा जा सकता है|

ETF में निवेश करने के लिए अवश्यक शर्तें या दस्तावेज :
  • ट्रेडिंग अकाउंट होना अनिवार्य है |
  • Demat account होना अनिवार्य है |
  • आप 3 in 1 का विकल्प भी चुन सकते हैं जिसमें बैंक अकाउंट के साथ Demat और Trading Account खोलने की भी सुविधा मिलती है |
  • ETF में निवेश करने के लिए एक फॉर्म भरना पड़ता है |
  • KYC दस्तावेज जमा करवाने पड़ते हैं |

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ETF कितने प्रकार के होते हैं :–

ETF अपने कस्टमर को अलग अलग ऑप्शन देती है जिससे आप अपने हिसाब से अपने पसंदीदा ETF का चुनाव कर सकते हैं | यूँ तो ETF कई तरह के होते हैं लेकिन उनमे से मुख्य 06 निम्नलिखित है :-

1. बॉन्ड ETF :-

बॉन्ड ETF में जब एक निवेशक निवेश करता है तो उसे एक मासिक आय प्राप्त होती है, इसका सीधा मतलब यह है कि उनके बॉन्ड के प्रदर्शन से उनकी आय के वितरण को प्रभावित किया जाता है.

इस सूची में सरकार, कॉर्पोरेट और नगरपालिका शामिल किए जा सकते हैं. बॉन्ड ETF की मेच्योरिटी तिथि नहीं निश्चित होती, उनकी कीमत अधिकांश असली बॉन्ड की कीमत से अधिक या कम होती है|

2. स्टॉक पर आधारित ETF :-

ETF कैसे काम करता है के संबंध में किसी खास उद्योग या क्षेत्र को सम्मिलित करने के लिए, स्टॉक ETF में इक्विटी का कलेक्शन भी शामिल किया जाता है| जैसे, Stock ETF ऑटोमोटिव या इंटरनेशनल कंपनियों के प्रदर्शन का अनुसरण कर सकता है|

इस ETF का लक्ष्य स्थापित और शुरुआती व्यापार इत्यादि विभिन्न प्रकार की कंपनियों के निवेश इच्छुक को एक विशेष क्षेत्र में संपर्क करना है.|

3. इंडस्ट्री बेस्ड ETF :-

इंडस्ट्री ETF एक खास तरह का फंड है जो किसी विशेष उद्योग या क्षेत्र के प्रदर्शन को हमेशा ट्रैक करता रहता है. For example एनर्जी इंडस्ट्री में काम करने वाली फर्म को उस इंडस्ट्री के लिए ETF में शामिल किया जाएगा. Industrial ferm में निवेश उस क्षेत्र में फर्मों के प्रदर्शन की निगरानी करके उद्योग की संभावनाओं के संपर्क में आने का एक बेहतर तरीका है.

पिछले कुछ वर्षों में IT उद्योग में इन्वेस्टमेंट में तेज वृद्धि देखने को मिली है|परंतु इस तरह से stock प्रदर्शन में ups &downs की नकारात्मकता ETF के साथ कम हो जाती है, लेकिन इसमे स्टॉक का सीधा स्वामित्व शामिल नहीं है. इसके अलावा,इंडस्ट्री ETF का प्रयोग आर्थिक चक्रों के समय एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट करने के लिए किया जा सकता है|

4. कमोडिटी बेस्ड ETF

कमोडिटी ETF में हम कच्चे तेल या गोल्ड जैसी वस्तुओं में निवेश करते हैं. कमोडिटी ETF कई सारे लाभ प्रदान करते हैं, सर्वप्रथम वे एक पोर्टफोलियो की वैरायटी को बड़ा बनाते हैं, जिससे बाजार में गिरावट की स्थिति आसान हो जाती है|

For example कमोडिटी ETF स्टॉक मार्केट,फ्रीफॉल में होने पर बफर प्रदान कर सकता हैं दूसरा, कमोडिटी होल्डिंग जो है वो कमोडिटी ETF शेयर कमोडिटी के मालिक की तुलना में कम महंगा होता है इसमे पहले से कोई इंश्योरेंस या अन्य शुल्क नहीं जुड़ा हुआ होता है|

5. मुद्रा बेस्ड ETF :-

करेंसी पेयरिंग के प्रदर्शन का अनुसरण करने वाले निवेश वाहनों को हम करेंसी ETF कहते है, करेंसी ETF के कई सारे उपयोग होते हैं. करेंसी की कीमत का पूर्वानुमान करने के लिए किसी भी देश के राजनीतिक,आर्थिक और व्यापारिक ट्रेंड का उपयोग किया जाता है.

6. इन्वर्स ETF :-

Inverse ETF को शॉर्ट selling मेथड भी कह सकते हैं |ये ETF Short Selling की तरह काम करते हैं जैसे यह मानते हुए कि स्टॉक की कीमत कम हो जाएगी, शॉर्टिंग में इसे बेचना और फिर इसे बाद में कम कीमत पर खरीदना इसकी महत्वपूर्ण स्ट्रैटिजी मानी जाती है या यूं कहें कि ये शॉर्ट सेलिंग का मतलब ही यही होता है |

मार्केट में गिरावट के अनुपात में inverse ETF की कीमत बढ़ जाती है. Inverse ETF पर विचार करते समय निवेशक को यह ध्यान में रखना चाहिए कि उनमें से कई एक्सचेंज जो हैं वो ट्रेडेड नोटहोते हैं जिन्हें ETN के नाम से हम जानते हैं|बॉन्ड से यह बिल्कुल विपरीत होता है इस ETN को स्टॉक की तरह ही ट्रेड किया जाता है और बैंक की तरह इसका एक जारीकर्ता होता है|

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ETF की विशेषताएं :-
  • ETF का हम इक्विटी शेयर की तरह कारोबार करते हैं |
  • ETF को हम मौजूदा सत्र के दौरान कभी भी बेच या खरीद सकते हैं|
  • ETF एक ही साधन के रूप में भिन्न-भिन्न वित्तीय साधनों से युक्त है, जिसमें बांड जैसे निश्चित आय प्रतिभूतियां भी शामिल हैं।
  • ETF हर तरह के निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है चाहे कॉर्पोरेट निवेशक हो या व्यक्तिगत निवेशक|
ETF vs Mutual Fund :-
  • ETF vs Mutual Fund में क्या फर्क है :–
  • Mutual fund में हम एक ब्रोकर के माध्यम से निवेश करते हैं और वहां एक फंड मैनेजर हमारे पैसे की देख रेख करता है वहीं ETF को हम सीधे सीधे स्टॉक मार्केट से खरीद और बेच सकते हैं |
  • Mutual fund को सक्रिय और निष्क्रिय दोनों तरह से प्रबंधित किया जाता है जबकि ETF को निष्क्रिय रूप से ही प्रबंधित किया जाता है।
  • Mutual fund Index performance को पार करना चाहते हैं, वहीं ETF उन Index के रिटर्न से बराबरी पर प्रदर्शन चाहते हैं जिन्हे वे ट्रैक करते हैं।
भारत में ETF का इतिहास :–

भारत में ETF एक लंबा सफर तय कर चुका है और अभी भी जारी है| सबसे पहले 2001 में, ETF को पहली बार देश में अनुमति दी गई थी। आज, काफी सारे ETF हैं जो देश के अंदर और बाहर कई प्रमुख सूचकांकों जैसे निफ्टी next 50, सेंसेक्स, S&P 50, या NASDAQ को ट्रैक करते हैं।

भारत में तेजी से बढ़ते आईटी, वित्त और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र है जो अर्थव्यवस्था को बढ़ा देता है और लाभदायक ईटीएफ के लिए दरवाजे खोलता है |

भारत मे ETF काफी तीव्रता से विकास की राह पर अग्रसर है वहीं भारत की अर्थव्यवस्था भी तीव्रता से ग्रोथ के साथ विश्व में 5th सबसे बड़ी है |

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क्या आप ETFS से अमीर हो सकते हैं?

जी हां | अकेला ETF ही आपको अमीर बनाने के लिए पर्याप्त है |

कौन सी कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए?

Large cap कंपनियों में जैसे Reliance,Tata,Infosys

भारत में कितने ETFS हैं?

भारत मे लगभग 90 ETFS योजनाएं उपलब्ध हैं |

फंड्स कितने प्रकार के होते हैं?

समान्य तौर पर म्यूचुअल फंड 5 प्रकार के होते हैं: इक्विटी फंड डेट फंड हाइब्रिड फंड समाधान-उन्मुख निधियां इंडेक्स फंड जैसे अन्य फंड इक्विटी म्यूचुअल फंड विभिन्न कंपनियों के शेयरों में अधिकांश पैसा निवेश करते हैं|

म्यूचुअल फंड को हिंदी में क्या कहते हैं?

पारस्परिक निधि

एसबीआई का सबसे अच्छा म्यूचुअल फंड कौन सा है?

SBI small cap Fund
पिछले 5 वर्षों में 22% से ज़्यादा वार्षिक आय कमाने के साथ, इस फंड ने बेहतरीन रिटर्न/ लाभ देने में अच्छा मुकाम हासिल किया है।

अमेरिका में कितने ETFS हैं?

लगभग 1830 ETF’s

भारत में म्यूचुअल फंड को कौन नियंत्रित करता है?

SEBI (Securities and Exchange Board of India)

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