ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market

अगर आप भी शेयर बाजार के जानकार हैं या नई नई दिलचस्पी रख रहे हैं तो आपके लिए य़ह जानना बेहद जरूरी है कि ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market

नमस्कार दोस्तों!!!!!

मैं आप सभी का मेरी इस नई ब्लॉग पोस्ट पर हार्दिक स्वागत करता हूं |

चाहे आप शेयर बाजार के पुराने खिलाड़ी हो चाहे नए यकीन मानिये ये पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है |

कई बार नए नए निवेशक बिना किसी खास जानकारी के लोगों से सुनके ही शेयर बाजार में उतर जाते हैं औऱ अपना नुकसान कर बैठते हैं इसलिए शेयर बाजार में जाने से पहले उसको जानना बेहद जरूरी है |

इसी शेयर बाजार की सीरीज में आज आप जानेंगे की ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market

शेयर मार्केट क्या है?
शेयर बाजार एक ऐसा बाजार है जहां SEBI (Stock Exchange board of india)के अंदर लिस्टेड कंपनियों के शेयर खरीदे वह बेचे जाते हैं |

शेयर बाजार की स्थापना 1875 में की गयी थी तथा तब से लेकर आज तक स्टॉक मार्केट की वैल्यू बढ़ती ही जा रहीं है |

शेयर खरीदने का मतलब है कि जिस कंपनी के भी आपने जितने शेयर खरीदे हैं आप उस कंपनी के उतने मालिक माने जाते हो |

ट्रेडिंग क्या है:-

सामान्य भाषा मे ट्रेडिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मुनाफा कमाने के लिए शेयर या वस्तुओं का आदान प्रदान किया जाता है

शेयर बाजार की भाषा मे प्रॉफिट कमाने के लिए शेयर खरीदने और बेचने की करवायी को ट्रेडिंग कहते हैं |

ट्रेडिंग के मुख्य 05 प्रकार (Types of trading )

ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market
  • इंट्रा-डे ट्रेडिंग
  • डिलीवरी ट्रेडिंग
  • फ्यूचर ट्रेडिंग
  • ऑप्शन ट्रेडिंग
  • स्विंग ट्रेडिंग

1. इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading)

इंट्रा-डे नाम से ही स्पष्ट है कि एक ही दिन मे शेयर खरीद कर उसी दिन बेच देने की करवायी को इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं।

इसे शेयर बाजार की आम भाषा मे डे ट्रेडिंग भी कहा जाता हैं जो ट्रेडिंग सुबह 09:30 शेयर मार्केट खुलने से लेकर शाम 0330 को मार्केट बंद होने तक की जाती है।


इंट्रा-डे ट्रेडिंग में स्टॉप -लॉस और लक्ष्य का महत्व काफी ज्यादा होता है। क्योंकि डे ट्रेडिंग में आपको कुछ मिनट ही राजा या फकीर बना सकते हैं |


डे ट्रेडिंग में 3–5 मिनट समय फ्रेम का चार्ट देखना सबसे बेहतर माना जाता है। इंट्रा-डे ट्रेडिंग से प्रॉफिट कमाने के लिए आपको भिन्न-भिन्न चार्ट पेटर्न, कैंडल्स stick चार्ट पैटर्न और टेक्निकल एनालिसिस की जानकारी होना बेहद जरूरी है|


डे ट्रेडिंग में हमें ब्रोकर के द्वारा कुछ शेयर पर मार्जन भी मिलता है जिससे आप कम पैसों से अधिक स्टॉक्स खरीद कर ट्रेड कर सकते हो |


इंट्रा-डे ट्रेडिंग में आप ज्यादा पैसा भी कमा सकते हो और काफी ज्यादा लॉस भी उठाना पड़ सकता है |


इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय ध्यान देने वाली बातें:-

  • स्टॉप लॉस और टारगेट जरूर सेट करें |
  • केवल 5 मिनट और 15 मिनट टाइम फ्रेम के चार्ट पर ही ट्रेडिंग करें।
  • अधिक मार्जिन लेकर ट्रेड ना करें वर्ना बाद मे ज्यादा हानि झेलनी पड़ सकती है |टेक्निकल एनालिसिस के मास्टर बनें |
  • लिक्विड स्टॉक में ट्रेडिंग करने का करें।
  • सपोर्ट और रेजिस्टेंस अवश्य लगाएं |
  • 15:15 बजे से पहले सभी पोजीशन स्क्वायर ऑफ कर दें अन्यथा ब्रोकर आपके behalf पर आपकी पॉजिशन Square-Off कर देगा |
  • इंट्रा-डे ट्रेडिंग तभी करें जब आप 9 से 5 का समय ट्रेडिंग के लिए निकाल सके |
  • डबल सपोर्ट और Resistance का प्रयोग अवश्य करें |

आशा करता हूं आपको ये पोस्ट पसंद आ रही होगी ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market


2. डिलीवरी ट्रेडिंग :-

No.2 पर आती है Delivery trading. जो कि ट्रेडिंग का सबसे सुरक्षित भाग माना जाता है।

इसे शेयर बाजार में लोंग टर्म ट्रेडिंग भी कहते हैं क्योंकि इसमें आप शेयर को खरीद कर जितना चाहो उतने समय के लिए होल्ड करके रख सकते हो।

इसमें जब किसी शेयर की कीमत आपके द्वारा खरीदे गए मूल्य से कई गुना ऊपर चली जाती है तो आप उसे बेचकर मुनाफा कमाते हो।


Delivery trading, Long term investing की तरह होती है जिसमें आप एक बड़ा अमाउंट कमाने की सोच में रहते हो|

Delivery trading में इंट्रा-डे की तरह स्टॉप लॉस और टारगेट का अधिक महत्व नहीं रह जाता है।

Delivery trading में आप एक अच्छे ब्रोकर के माध्यम से एक बेहतर कंपनी में निवेश कर सकते हो जो आपको बढ़ते समय के साथ बेहतर रिटर्न प्रदान करता है |


3. फ्यूचर ट्रेडिंग ( भविष्य का निवेश)


अपने भविष्य के लक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए हम शेयर बाजार में जो ट्रेडिंग मेथड अपनाते हैं उसे फ्यूचर ट्रेडिंग कहते हैं।

यह ट्रेडिंग F&O या डेरिवेटिव ट्रेडिंग के अंतर्गत आती है। इसमें निवेशकों को भविष्य के किसी निश्चित समय के लिए और किसी निश्चित मूल्य पर किसी शेयर को खरीदने या बेचने के लिए पहले ही बात करनी पड़ती है।


फ्यूचर ट्रेडिंग एक कॉन्ट्रैक्ट की तरह होता है जिसमें आपको खरीदे गए शेयर को समय खत्म होने से पहले से करना पड़ता है।

जिस प्राइस पर अपने फ्यूचर के लिए शेयर खरीदा है उसे फ्यूचर प्राइस कहते हैं और और जितने समय के लिए उसे खरीदा है उसे डिलीवरी डेट कहते हैं।



यह शेयर मार्केट ट्रेडिंग का वह तरीका है जिसमें आप बहुत कम पैसों से भी शुरुआत कर सकते हैं।


4. ऑप्शन ट्रेडिंग (Option Trading)


ऑप्शन ट्रेडिंग भी डेरिवेटिव ट्रेडिंग का एक हिस्सा है। इसमें कॉल और पुट दो तरह के ऑप्शन्स होते हैं।

कॉल यानी स्टॉक को बाजार में तेजी आने पर खरीदना और पुट यानी स्टॉक में मंदी आने पर खरीदना|


इस तरह की ट्रेडिंग में आप दो तरह से लाभ कमा सकते हों –


ऑप्शन को खरीद कर
ऑप्शन को बेचकर
अधिकांश नए trader ऑप्शन को खरीदते हैं क्योंकि इसमें वो बहुत कम पैसों से शुरुआत कर पाते हैं जबकि ऑप्शन को बेचने के लिए आपके पास ज्यादा पैसा होना जरूरी है |


ऑप्शन ट्रेडिंग में आप कुछ ही मिनटों में लाखों-करोडों रुपए कमा भी सकते हो और गँवा भी सकते हो क्योंकि इसमें प्राइस चार्ट बहुत तेजी से ऊपर नीचे होता हैं। इससे बचने के लिए आपकों स्टॉपलॉस जरूर लगाना चाहिए |


5. स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading)


ट्रेडिंग की इस लिस्ट में सबसे अंतिम नाम आता है स्विंग ट्रेडिंग का |एक दिन से लेकर एक साल के बीच तक कि जाने वाली ट्रेडिंग को स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं |

स्विंग ट्रेडिंग में आप स्टॉक को एक दिन खरीद कर उसी दिन भी बेच सकते हो और यदि चाहो तो 1 सप्ताह 1 महीना या एक वर्ष तक भी रोक कर रख सकते हो |



स्विंग ट्रेडिंग, इंट्राडे ट्रेडिंग के मुकाबले कम जोखिम भरी होती है क्योंकि इसमें आपको स्टॉक को होल्ड करने का ऑप्शन मिल जाता है जबकि इंट्रा-डे में ऐसा नहीं होता

परंतु स्विंग ट्रेडिंग में भी आपको सपोर्ट और रेजिस्टेंस दोनों को मद्देनजर रखते हुए trade करना पड़ता है।

सबसे बेहतर ट्रेडिंग कौन सी होती है?
Beginner Level Traders :-

नए निवेशकों के लिए Delivery trading सबसे बेहतर मानी जाती है, क्यूंकि इसमे सबसे कम रिस्क होता है |इसमे आप स्टॉक को लंबे समय तक होल्ड करके रख सकते हो |

Intermediate Level Traders :-

मध्यम वर्ग के निवेशकों के लिए इंट्रा-डे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग सबसे बेहतर मानी जाती है क्योंकि इनमें आप माध्यम रिस्क के साथ अच्छा लाभ कमा सकते हो |

Advance Level Traders :’

इस श्रेणी में वो लोग आते हैं जो पिछले कुछ सालों से शेयर बाजार को अपना व्यवसाय बना चुके हैं |

इनके लिए सबसे बढ़िया ट्रेडिंग विकल्प है:- फ्यूचर Trading और ऑप्शन ट्रेडिंग |

In दोनों के लिए शेयर बाजार का ज्ञान होना बेहद जरूरी है |

अगर आप भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग के मास्टर बनना चाहते हो तो इन्हें जरूर देखें:-

Pushkar raj Thakur

Rachna Ranade

मैं आशा करता हूं आपको मेरी ये पोस्ट ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं |Types of Trading in Share Market पसंद आयी होगी |

भारत का सबसे बड़ा निवेशक कौन है

राकेश झुनझुनवाला |
कुल संपति 44000 करोड़

भारत का सबसे बड़ा दानी बिजनेस मैन ?

रतन टाटा (टाटा ग्रुप के चेयरमैन)
कुल दान की गई राशि :-
100 बिलियन से ज्यादा

स्टॉक बेचने का सबसे अच्छा समय क्या है?

सुबह 10 से 10:30 बजे और दोपहर 3 बजे से 3:15 तक

कौन सा ऐप सबसे कम ब्रोकरेज चार्ज करता है?

Zerodha
ये भारत का सबसे बेहतर ट्रेडिंग ऐप माना जाता है |

भारत में शुरुआती लोगों के लिए कौन सी ट्रेडिंग सबसे अच्छी है?

Delivery trading
Positional Trading

क्या मोबाइल से ट्रेडिंग कर सकते हैं?

जी हां |
सबसे बेहतर ट्रेडिंग ऐप है:-
Zerodha
Upstox
Groww

संबंधित लेख पढ़ें :-

Share Market ka Fundamental Analysis in hindi

फेस वैल्यू और बुक वैल्यू क्या होती है?

NSE और BSE क्या है?

Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?

स्टॉक्स का टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें?

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top