डिविडेंड यील्ड क्या होता है |Top 05 Companies with High Dividend Payout?

डिविडेंड यील्ड क्या होता है |Top 05 Companies with High Dividend Payout?
डिविडेंड यील्ड क्या होता है |Top 05 Companies with High Dividend Payout?
शेयर मार्केट में डिविडेंड क्या होता है :–

डिविडेंड जिसे हिंदी में हम लाभांश कहते हैं किसी भी कंपनी के प्रॉफिट का वह हिस्सा होता है जो वह अपने शेयरहोल्डर्स को कंपनी में लाभ होने की स्थिति में देता है| शेयर मार्केट में अभी तक केवल कुछ ही कंपनियां डिविडेंड देती हैं जो Per-share के हिसाब से दिया जाता है|

इनवेस्टर को यह डिविडेंड आमतौर पर 06 महीने में एक बार या सालाना दिया जाता है|

हालांकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि जो कंपनियां डिविडेंड नहीं देती हैं वह खराब है बल्कि वह अपने बचे हुए लाभ को वापस कंपनी की ग्रोथ में लगाना पसंद करती हैं|

डिविडेंड को हिंदी में क्या कहते हैं

डिविडेंड को हिंदी में ‘लाभांश’ कहते हैं जैसा कि नाम से ही स्पष्ठ हो जाता है लाभांश यानी लाभ का अंश | यह लाभांश किसी भी कंपनी के नेट प्रॉफिट का एक हिस्सा होता है जो शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में दिया जाता है|

डिविडेंड इनकम क्या होती है

डिविडेंड इंकम वह पैसा होता है जो इनवेस्टर को शेयर होल्ड करके रखने पर मिलता है मतलब आपके पास डिविडेंड देने वाली कंपनी के जितने ज्यादा शेयर होंगे आपको उतनी ही ज्यादा डिविडेंड इंकम मिलती है।

Dividend per share क्या होता है

किसी भी कंपनी के द्वारा उसके एक शेयर के बदले में जितना भी डिविडेंड दिया जाता है उसे ही हम ‘Dividend per share‘ कहते हैं| इसे शॉर्ट में DPS भी बोलते हैैं।

डिविडेंड का उदाहरण :–
अगर आपके पास Suzlon energy कंपनी के 500 शेयर हैं और प्रति शेयर डिविडेंड 2 रुपये है तो आपकी डिविडेंड इंकम (500 ×2 = 1000) रुपये होगी.

डिविडेंड यील्ड क्या है

डिविडेंड यील्ड का अर्थ होता है कि किसी शेयर प्राइस पर कोई कंपनी कितने (%) का डिविडेंड देती है.
साधारण शब्दों में कहें तो…

डिविडेंड यील्ड वह अनुपात होता है जो यह बताता है कि कंपनी ने 1 शेयर पर कितना डिविडेंड दिया है और वह कंपनी के वर्तमान मार्केट प्राइस का कितना प्रतिशत (%) है.

Dividend Yield Formula :–
Dividend Yield = dividend per share / current market price of a share

डिविडेंड कितने प्रकार के होते हैं :

डिविडेंड मुख्यतः 5 प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित हैं :–

  • Cash dividend
  • Scrip dividend
  • Stock dividend
  • Property dividend
  • Liquidating dividend

ज्यादातर देखा गया है कि Max कंपनियां कैश डिविडेंड ही देती है जिसका अध्ययन आवश्यक है:–

कैश डिविडेंड भी दो प्रकार के होते हैं―

  • Interim dividend
  • Final dividend

Interim dividend क्या है

ये वह डिविडेंड है जो कंपनी के द्वारा साल के बीच में कभी भी दिया जा सकता है यहां तक कि कंपनी 2 से 3 बार भी Interim डिविडेंड अपने शेयर होल्डर में बांट सकती है,साधारण शब्दों में कहें तो जो डिविडेंड क्वार्टरली बेसिस पर निवेशकों को बांटा जाता है उसे ‘Interim dividend’ कहते हैं।

फाइनल डिविडेंड क्या होता है

जैसा कि नाम से ही जाहिर है यह वह डिविडेंड होता है जो इन्वेस्टर्स को साल के अंत में मिलता है मतलब आपको हर साल सालाना आधार पर जो डिविडेंड मिलता है उसे ही ‘फाइनल डिविडेंड‘ कहते हैं।

डिविडेंड देने का फैसला कौन लेता है

डिविडेंड देना है या नहीं और कितना देना है यह कंपनी के बोर्ड मेंबर्स और कंपनी के डायरेक्टर मिलकर फैसला लेते हैं|

अगर कंपनी की management को लगता है कि वह प्रॉफिट का उपयोग बिजनेस को बढ़ाने में कर सकते हैं तो वह डिविडेंड नहीं देते हैं और अगर उन्हें लगता है कि बिजनेस को बढ़ाना थोड़ा मुश्किल है तो वह प्रॉफिट का कुछ भाग शेयर होल्डर्स के बीच बांट देते हैं|

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डिविडेंड कब दिया जाता है :–

ज्यादातर कंपनियां डिविडेंड नहीं देती इसीलिए आपको सबसे पहले उन कंपनियों के शेयर खरीदने होंगे जो डिविडेंड देती हैं और ऐसी कंपनियों की लिस्ट आपको ऑनलाइन सर्च के द्वारा Screener ,Finology जैसी वेबसाइट पर आसानी से मिल जाएगी|

डिविडेंड देने की घोषणा कंपनी अपनी AGM यानी Annual General Meeting में करती है|

डिविडेंड से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें

डिविडेंड लेने के लिए कुछ dates आपको ध्यान रखना पड़ता है जैसे―

Record date:

यह वह तारीख है जिस दिन कंपनी के Docs रिकॉर्ड में आपका नाम एक शेयर होल्डर के रूप में दर्ज किया जाता है|

डिविडेंड देने वाली हर एक कंपनी रिकॉर्ड डेट की publicly घोषणा करती है| यह डेट Quarterly Bases पर भी हो सकती है इसलिए समय समय पर कंपनी की मीटिंग की update रखें|

Ex dividend date:

Ex डिविडेंड डेट आमतौर पर रिकॉर्ड डेट के एक दिन पहले की डेट होती है मतलब कोई कंपनी जब रिकॉर्ड डेट की घोषणा करती है तो Ex डिविडेंड डेट उसके 1 दिन पहले सेट कर दी जाती है|

यहां यह अवश्य ध्यान रखें कि यदि आपको किसी कंपनी के डिविडेंड का लाभ चाहिए तो आपको उस कंपनी के शेयर को Ex डिविडेंड डेट से पहले खरीदना पड़ता है|

डिविडेंड कैसे मिलता है

शेयर मार्केट में आपको डिविडेंड देने का निर्णय आपके पास मौजूद शेयर्स की संख्या के आधार पर लिया जाता है मतलब आपके पास किसी कंपनी के जितने शेयर होंगे उतना ही डिविडेंड आपको प्रति शेयर के हिसाब से मिलेगा|

जैसे मान लो Infosys कंपनी प्रति शेयर 5 रुपये डिविडेंड देती है और आपके पास 1000 शेयर हैं तो आपको (1000 × 5) यानी ₹5000 डिविडेंड मिलेगा|

डिविडेंड का फार्मूला

Dividend = Current share price × dividend yield × number of shares ( जो इनवेस्टर के पास होते हैं)

इस फार्मूले से डिविडेंड की सही गणना करने के लिए आपको 3 चीज़े पता होनी चाहिए ―

पहला, कंपनी का करंट मार्केट प्राइस (CMP) जो आप इन्टरनेट पर सर्च करके पता कर सकते हैं|

दूसरा, डिविडेंड यील्ड जो शेयर के चार्ट के नीचे छोटे अक्षरों में लिखी रहती है|

तीसरा, आपके पास कितने शेयर हैं उनकी संख्या जो आप अपने ब्रोकर ऐप् के पोर्टफोलियो में जाकर देख सकते हैं।

डिविडेंड के फायदे क्या-क्या है
  • साइड इंकम का बेहतर साधन|
  • Monthly income का अच्छा मौका होता है|
  • आप एक ही कंपनी से ग्रोथ और डिविडेंड दोनों का फायदा उठा सकते हैं|
  • Britannia,Infosys,HCL,HDFC जैसी कंपनिया अच्छी ग्रोथ के साथ अच्छा डिविडेंड भी देती है|
  • आप डिविडेंड की मदद से घर बैठे Passive Income कमा सकते हैं
डिविडेंड के नुकसान क्या-क्या है
  • इंट्रा-डे ट्रेडर डिविडेंड का लाभ नहीं उठा सकते|
  • कुछ लोग सिर्फ डिविडेंड के लिए ही निवेश करते हैं जो उन्हें कंपनी की ग्रोथ से हुए फायदे से वंचित कर देते हैं|
  • कुछ कंपनियों में ग्रोथ कम होती है फिर भी वो इनवेस्टर को आकर्षित करने के लिए डिविडेंड देती हैं जिससे कुछ समय बाद कंपनी दिवालिया हो जाती है|
  • कंपनियों के इतिहास का अध्ययन करके ही कंपनी का चुनाव करें|
  • यदि आप डिविडेंड के चक्कर में किसी कंपनी में बिना उसका Fundamental Analysis किए निवेश करते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है|
डिविडेंड से संबंधित कुछ जरूरी बातें
  • डिविडेंड हमेशा Face value के आधार पर मिलता है ना कि शेयर प्राइस के आधार पर|
  • यदि किसी कंपनी की face value 5 रुपये और शेयर प्राइस 500 रुपये है और कंपनी 100% डिविडेंड यील्ड दे रही है तो इसका मतलब आपको Per Share 05 रुपये मिलेंगे ना कि 500|
  • यह अवश्य देखें क्या कंपनी सालाना डिविडेंड लगातार दे रही है क्योंकि डिविडेंड वही कंपनी देती है जो वास्तव में प्रॉफिट में होती है|
  • डिविडेंड लेने के चक्कर में अपना पैसा कभी भी Debt वाली कंपनी में ना निवेश करें|
  • प्रमोटर द्वारा डिविडेंड देने के पीछे के वास्तविक कारण की जानकारी अवश्य हासिल कर लें|
  • डिविडेंड से ज्यादा शेयर या कंपनी की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दें|
  • निवेश से पहले शेयर प्राइस की हिस्ट्री का अध्ययन अवश्य करें|
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