शेयर बाजार में नेट प्रॉफिट क्या होता है|What is Net Profit in Share Market

आपने कहीं ना कहीं और कभी ना कभी सुना ही होगा कि XYZ कंपनी ने इतने करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया और आपके मन में सवाल आया होगा कि आखिर नेट प्रॉफिट होता क्या है? तो चलिए हम लेकर आए हैं यह शानदार ब्लॉग जिसमें आप जानेंगे शेयर बाजार में नेट प्रॉफिट क्या होता है|What is Net Profit in Share Market

नेट प्रोफिट का अर्थ :–

नेट प्रॉफिट का अर्थ होता है ‘ शुद्ध लाभ ‘ यानी कि किसी भी कंपनी की कुल आय में से उसके कुल खर्चों को हटा दिया जाए तो पीछे जो रकम बचती है उसे नेट प्रॉफिट कहते हैं|

नेट प्रॉफिट को स्पष्ट लाभ, वास्तविक लाभ, कर पश्चात लाभ, शुद्ध लाभ या वास्तविक लाभ भी कहा जाता है।

नेट प्रॉफिट की परिभाषा :

कुल लाभ में से संचालन और गैर-संचालन दोनों के व्यय को शामिल करने पर जो राशि आती है, उसे नेट प्रॉफिट कहा जाता है।

नेट प्रॉफिट का फॉर्मूला :‐

नेट प्रॉफिट का फार्मूला निम्नलिखित है:–

शुद्ध लाभ = कुल आय – कुल व्यय

कंपनी की कुल आय क्या होती है:‐


कुल आय निकालने का भी एक छोटा सा सूत्र होता है :-

कुल आय = राजस्व/बिक्री + अन्य आय

राजस्व/बिक्री :

कोई भी कंपनी जो उत्पाद, माल या फिर सेवा बेचती है तो उसे कंपनी पर मुनाफा होता है उसे कंपनी की आय, राजस्व या बिक्री कहते हैं।

इस आय को कंपनी की प्राथमिक आय भी कहा जाता है क्योंकि यह आय राजस्व या फिर बिक्री पर आधारित होती है।

अन्य आय :

कंपनी की कुल आय में राजस्व/बिक्री से आने वाली आय के अलावा उसकी शेष राशि अन्य आय की श्रेणी में आती है जैसे कंपनी ने अगर किसी व्यक्ति या फिर किसी अन्य कंपनी को ऋण दिया है तो उस पर जो ब्याज लगता है निश्चित रूप से वह भी कंपनी की कुल आय में शामिल होता है|

आप बेहतर अनुभव के लिए Screener या Moneycontrol की वेबसाइट पर जाकर कम्पनियों की बैलेंस शीट का अध्ययन कर सकते हैं|

कंपनी के कुल खर्च क्या होते हैं

Total Expenses = Cost of Goods/services + Operating Expenses + Depreciation cost + Interest + Any Other Expenses + Tax

Cost of Goods/services :‐

किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट या फिर सर्विस को बनाने में जो खर्चा आता है उसे हम Cost of Goods/services कहते हैं। इसमें रॉ Material लेकर लेबर के उपर आने वाला खर्चा भी शामिल होता है।

परिचालन व्यय :

ये वह खर्चे होते हैं जो फिक्स होते हैं और जिन्हें कंपनी को चुकाना ही पड़ता है| जैसे : कंपनी का किराया, बीमा, विज्ञापन, कर्मचारियों का वेतन आदि।

साधारण शब्दों में कंपनी को ऑपरेट करने के लिए जो जरूरी खर्चे होते हैं, उन्हें ऑपरेटिंग खर्च कहते हैं।

मूल्यह्रास लागत :‐

माना किसी कंपनी में यदि कोई मशीन, उपकरण या फिर कोई भी संपत्ति खराब हो जाती है तो उसे मरम्मत के लिए ले जाया जाता है इस मरम्मत पर जो खर्चा किया जाता है उसे मूल्यह्रास लागत कहा जाता है|

ब्याज :

यदि कंपनी ने कहीं भी किसी भी बैंक से लोन पर पैसा उधार लिया है तो उस रकम पर जो सालाना रकम अतिरिक्त ली जाती है उसे ब्याज कहते हैं,ब्याज भी कंपनी के कुल खर्चों में जुड़ जाता है।

टैक्स :

जब कंपनी एक सीमित लाभ से ज्यादा पैसा कमाती है तो उन्हें सरकार को कुछ हिस्सा देना पड़ता है जिसे टैक्स कहते हैं|

यह टैक्स कब और कितने पैसों पर लिया जाएगा ये सब सरकार के द्वारा निश्चित किया जाता है|

जितना ज्यादा नेट प्रॉफिट उतना ज्यादा टैक्स|

कोई भी अन्य खर्च :

इन सबके अलावा अगर कंपनी में कोई अतिरिक्त खर्चा करना है तो उसे भी अंदर कुल खर्च ही जोड़ा जाता है।

टैक्स के बाद मुनाफ़ा :

नेट प्रॉफिट पर टैक्स चुकाने के बाद जो पैसा बचता है उसे टैक्स के बाद का मुनाफा कहते हैं|

टैक्स से पहले लाभ :

अगर कंपनी के नेट प्रॉफिट और कुल खर्चों में टैक्स को ना जोड़ा जाए तो जो प्रॉफिट आता है उसे टैक्स से पहले प्रॉफिट कहा जाता है।

उदाहरण :

आपके पास कोई ABC कंपनी है जिसकी मोबाइल की कंपनी है और हर मोबाइल को बनाने में 20000 रुपये का खर्चा आता है।और जब आप इस मोबाइल को मार्केट में बेचते हो तो यह 25000 रुपये में बिकता है|

तो मोबाइल को बनाने की लागत यानी लागत 20,000 रुपये थी और आपने उसे 25000 रुपये में बेच दिया तो जो आपके 25000-20000 = 5000 रुपये प्रोफिट होगा उसे हम सकल लाभ या कुल लाभ कहते हैं।

मैं उम्मीद करता हूं आपको इस पोस्ट से शेयर बाजार में नेट प्रॉफिट क्या होता है|What is Net Profit in Share Market कुछ नया सीखने को मिल रहा होगा|

नीचे दिए गए ग्राफ में आप इन्फोसिस कंपनी के Profit &Loss पेज को पढ़ सकते हैं जो आपको बेहतर समझ प्रदान करेगा|

किसी भी कंपनी के द्वारा इस डाटा को हर तीन महीने यानी Quarterly अपडेट किया जाता है|

शेयर बाजार में नेट प्रॉफिट क्या होता है|What is Net Profit in Share Market
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नेट प्रॉफिट से जुड़ी आवश्यक बातें :–


नेट प्रॉफिट से जुड़ी कुछ अहम बातों की जानकारी आपको अवश्य होनी चाहिए जिनमे से प्रमुख हैं:–

  • नेट प्रोफिट कंपनी का आय विवरण दिखाता है जो कंपनी के Profit & Loss पेज में दिखाया जाता है|
  • नेट प्रोफिट आपको बताता है कि कोई भी कंपनी लाभ में है या हानि में यदि लाभ में होगी तो नेट प्रॉफिट positive होगा यदि हानि में होगी तो negative|
  • कंपनी का नेट प्रॉफिट समय-समय पर बदलता रहता है जिसके कारण बहुत सारी चीजें होती हैं जैसे: कंपनी की बिक्री का कम या ज्यादा होना, प्रॉफिट मार्जिन के कारण भी नेट प्रॉफिट ऊपर नीचे होता रहता है।
  • हर कंपनी का नेट प्रॉफिट अलग-अलग होता है।यह depend करता है उसकी सेल्स ग्रोथ पर|
  • हालांकि नेट प्रॉफिट एक अकाउंटिंग फिगर है इसलिए इसे मैनुप्लेट भी किया जा सकता है|इसलिए ध्यान से बैलेंस शीट का अध्ययन पूरी रिसर्च के साथ करें|
  • नेट प्रोफिट से आप EPS को भी कैलक ग्लोबल कर सकते हैं ईपीएस का मतलब होता है प्रति शेयर कमाई यानी कंपनी के हर शेयर पर कितना पैसा कमा रही है।

EPS = शुद्ध लाभ / शेयरों की कुल संख्या

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