शेयर बाजार में ICO क्या होता है |Why Initial Coin Offering is Important |

Initial coin offering शब्द का प्रयोग CryptoCurrency बाजार में किया जाता है |ICO क्यों इतना ज्यादा जरूरी है आइए समझते हैं इस पोस्ट शेयर बाजार में ICO क्या होता है |Why Initial Coin Offering is Important में |

नमस्कार दोस्तों!!!

शेयर बाजार की सीरीज के इस नए ब्लॉग पोस्ट पर आप सब का एक बार फिर से स्वागत है|

तो चलिए शुरू करते हैं :-

ICO क्या होता है :-

ICO ( Initial Coin Offering ) एक ऐसा तरीक़ा होता है जिसमें एक start-up कंपनी अपने लिए फंड जुटाना चाहती है या जुटाती है |

ICO टोकन सिस्टम पर काम करता है मतलब जो लोग इनकी आर्थिक मदद करते हैं ICO उन्हें एक टोकन देता है |

ICO को लोग  Crowd Funding के नाम से भी जानते हैं। जो भी इनवेस्टर ICO से  Token प्राप्त करते हैं उन्हें वो अपनी मर्जी मुताबिक उपयोग कर सकते हैं। वो इन्हें कभी भी बेच सकते हैं ये उनकी खुद की ईच्छा पर निर्भर करता है |

ICO का इतिहास :-

ICO यानी initial coin offering की शुरुआत सर्वप्रथम 13 जुलाई 2013 को हुई थी जो की मास्टर coin  द्वारा टोकन के रूप में  बिक्री की शुरुआत से की गई थी।

लेकिन ये सन 2014 में सर्वप्रथम चर्चित हुआ क्योंकि उस समय के दौरान Ethereum ने सिर्फ 12 घंटे में 3725 Coins जुटाकर एक इतिहास रचा था जिसकी कीमत उस समय लगभग 2.5 मिलियन डॉलर थी जिसने सभी इनवेस्टर को अपनी ओर आकर्षित किया जो आज तक आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है|

वर्तमान समय में ICO, Bitcoin नियम तथा Cryptocurrency के token की बिक्री करता है |

ICO के काम करने का क्या तरीका है :-

जब भी एक नयी कंपनी CryptoCurrency की दुनिया मे start-up करती है तो उन्हें शुरुआत में कंपनी चलाने के लिये फंड की जरूरत पड़ती है जो वो crowd funding से इकट्ठा करते हैं |



जब कोई कंपनी Initial coin offering के तरीके से पैसा जुटाने बाजार में आती है तो वो सर्वप्रथम अपने Crypto Project का Whitepaper पब्लिक पब्लिक करते हैं जो करना अनिवार्य होता है |



उस Whitepaper के अंदर कंपनी वो सभी चीजें शो करती है जो उसके ग्राहकों को पता होनी चाहिए जैसे उनके प्रॉजेक्ट में कितने पैसे लग रहे हैं, वह प्रोजेक्ट काम कैसे करेगा,उस प्रॉजेक्ट का क्या फायदा होने वाला है, कंपनी अपने प्रॉजेक्ट को कब लॉन्च कर रही है, और कुल कितने टोकन बांट रही है इत्यादि बातें।

प्रोजेक्ट से संबधित इन सब बातों का पता होने से लोगों को कंपनी के माडल को समझने में आसानी होती है |



इन कंपनियों में पैसा लगाने के बाद इनवेस्टर को कंपनी की तरफ से टोकन मिलते हैं जिन्हें वो कभी भी बेच सकते हैं लेकिन कोशिश करनी चाहिए कि एक लंबे समय के बाद बेचें ताकि आप लाभ कमा सको |

Ethereum क्या है :-

Ethereum की स्थापना Vitalik Buterin ने 2013 में की इसके बाद 2014 में सर्वप्रथम इसमे पब्लिक फंडिंग की गयी तब जाके 30 जुलाई 2015 को Ethereum को लॉन्च किया गया| अगर हम बात करें इसके लॉन्चिंग प्राइस की तो जुलाई 2015 में यह  $0.43 से शुरू किया गया था। 

जोकि 10 सालों के भीतर 10 अक्टूबर,2021 को बढ़कर $3580 के Price पर पहुंच चुका था। जिसने 7 सालों में लोगों को बहुत जबरदस्त रिटर्न दिए |

इसके अलावा अगर हम इसे  मार्केट कैप  के हिसाब से देखें तो ये बिटकॉइन के बाद दूसरे स्थान पर  आता है। वहीं इसकी लोकप्रियता की बात करें तब भी ये बिटकॉइन के बाद दूसरे नंबर पर आता है। 

कैसे जाने ICO fail हो गया :-

आप सीख रहे हैं शेयर बाजार में ICO क्या होता है |Why Initial Coin Offering is Important |

ICO initial coin offering तभी फेल माना जाता है जब वो लोगों की उम्मीद पर खरा ना उतरें यानी कि अगर कोई कंपनी जितने टोकन बांट रही है अगर उसकी कीमत से ज्यादा उसे वापिस रिटर्न मिलता है तो वो कुछ हद तक सफल माना जाएगा और यदि उन्हें कम कीमत मिलती है तो ICO फेल माना जाता है |

ICO कितने प्रकार का होता है :-

ICO के कई प्रकार होते हैं जिनमें से मुख्य 02 निम्नलिखित हैं :-

प्राइवेट ICO

प्राइवेट ICO ऐसा ICO होता है जिसमें बड़े इनवेस्टर ही निवेश करते हैं जो करोडों का निवेश कर सकते हैं इसमें आम लोग निवेश नहीं कर पाते |

पब्लिक ICO

जैसा कि नाम से ही देखा जा सकता है पब्लिक ICO यानी ये ICO मुख्य तौर पर पब्लिक के लिए ही बनाया गया है इसमे छोटे से छोटा इनवेस्टर भी निवेश कर सकता है | इसमे 1000₹ से भी शुरुआत की जा सकती है |

ICO के क्या फायदे हैं :-
  • बहुत कम समय मे हाई रिटर्न |
  • निवेश करने में आसान |
  • Crypto में कई बार एक दम से बहुत हाई रिटर्न मिल जाता है |
  • टोकन सिस्टम काफी बेहतर रहता है |
ICO के क्या नुकसान हैं :-
  • कंपनी का कोई ट्रैक रिकॉर्ड मौजूद नहीं होता |
  • कंपनी का analysis नहीं कर पाते |
  • इसमे कानून का कोई हस्तक्षेप नहीं होता इसलिए फ्रॉड का रिस्क बना रहता है |
  • Crypto में कभी भी बहुत तगड़ा झटका लग सकता है |
  • Crypto कई देशों में अमान्य है साथ में गैर कानूनी भी |
क्या ICO का कोई भविष्य है :-

जी हां |

Crypto ने बहुत ही कम समय मे बहुत ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर ली है |

और भविष्य में भी इसके द्वारा बेहतरीन रिटर्न देने की प्रबल संभावना है |

साथ ही इसके कुछ रिस्क है जिनको ध्यान में रखना बेहद जरूरी है ताकि एक दम से आप बड़े लॉस से बच सको |

भारत मे अभी तक crypto उतना फेमस नहीं है लेकिन इसकी लोकप्रियता बढ़ने की बहुत संभावना है |

Crypto सिखाने वाले बेस्ट यूट्यूब चैनल :-

Free cryptocourse

https://www.udemy.com/topic/cryptocurrency/free/

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ICO का फुल फॉर्म क्या है?

INITIAL COIN OFFERING

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

Bitcoin दुनिया की सबसे बड़ी Crypto currency है |

भारत की करेंसी कौन से नंबर पर आती है?

Asiamarket.com के मुताबिक भारतीय currency 40th स्थान पर आती है |

भारत की क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

सोलाना | जोकि पिछले साल की सबसे लोकप्रिय CryptoCurrency थी |

10 साल पहले बिटकॉइन का क्या रेट था?

2009 में इसका मूल्य 0.060 ₹ था |

दुनिया में कुल कितने बिटकॉइन है?

दुनिया मे 1 करोड़ से अधिक Bitcoin हैं |

क्रिप्टो का मालिक कौन है?

Crypto.com सिंगापुर स्थित कंपनी Foris DAX Asia द्वारा संचालित है|

दुनिया में सबसे ज्यादा बिटकॉइन का मालिक कौन है?

Saatoshi Nakamoto| एक अज्ञात Bitcoin संस्थापक

क्या भारत में बिटकॉइन लीगल है?

नहीं अभी तक Bitcoin legal नहीं है |

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