शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?

अगर आपने शेयर बाजार में निवेश किया है तो यकीनन आपने ROE या ROCE का नाम सुना होगा तो चलिए मैं आपको इसकी पूरी जानकारी देता हूं कि आखिर शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?

और अगर आपने अभी तक शेयर बाजार में निवेश नहीं किया है ओर करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए इनके बारे मे जानना बेहद जरूरी है|

ROE ओर ROCE आपको बताता है कि कंपनी आपके शेयर खरीदने पर आपको कितना रिटर्न देने की काबिलियत रखती है |

नमस्कार दोस्तों!!!

आप जान रहे हैं सम्पूर्ण शेयर बाजार के बारे मे मेरे यानी राज ठाकुर के इस writerraaz.com के प्लेटफॉर्म पे

तो चलिए बिना आपका समय बर्बाद किए शुरू करते हैं शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?

ROE (Return on Equity)

शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?
Return on Equity

ROE को रिटर्न ऑन इक्विटी कहा जाता है जो कि एक वित्तीय प्रदर्शन की माप होती है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आ रहा होगा कि रिटर्न ऑन इक्विटी से आखिर होता क्या है? तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि रिटर्न ऑन इक्विटी ही शेरहोल्डर्स की इक्विटी और उनकी इनकम को अलग-अलग करने के लिए उपयोग में लाई जाती है।

ROE का फार्मूला:-


किसी भी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी की गणना करने के लिए एक फार्मूला इस्तेमाल किया जाता है और वो फार्मूला कुछ इस प्रकार है:-

रिटर्न ऑन इक्विटी = नेट इनकम / शेरहोल्डर्स फंड

इसका मतलब यह है कि किसी भी कंपनी की रिटर्न ऑन इक्विटी की गणना के लिए उस कंपनी की नेट इनकम और शेरहोल्डर्स फंड बहुत ही महत्वपूर्ण तथ्य होते हैं।


ROE के फायदे?

1.रिटर्न ऑन इक्विटी की मदद से कंपनी कितना लाभ कमा रही है इसकी जानकारी निवेशक को पता चलती है।

2.इससे निवेशकों की विश्वसनीयता बढ़ती है क्योंकि रिटर्न ऑन इक्विटी के जरिए यह पता चलता है कि कोई कंपनी अपनी इक्विटी का उपयोग किस प्रकार कर रही है और उसमें वृद्धि हो रही है या नहीं।

3.जब किसी कंपनी का ROE बढ़ता है तो इससे यह पता चलता है कि वह कंपनी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उसमें निवेश किया जा सकता है, वही जब ROE कम होती है तो इससे यह पता चलता है कि वह कंपनी सही निर्णय नहीं ले रही है।

4.ROE की गणना औसत रूप से की जाती है जिसके जरिए कंपनी की सही स्थिति निवेशकों को पता चलती है।
इस तरह ROE बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

ROE :-Return on Equity कितना होना चाहिए?

वैसे तो Return on Equity का कोई मानक तय नहीं किया गया है। Return on Equity सभी कंपनियों के लिए अलग-अलग हो सकता है लेकिन 15 से 20% के बीच का Return on Equity अच्छा माना जाता है। इससे अधिक ROE भी अच्छा हो सकता है बशर्ते आंकड़े मिस लीडिंग न हों।

10% से कम Return on Equity वाली कंपनियों को पुअर Return on Equity वाली कंपनी की श्रेणी में रखा जा सकता हैं।

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ROE चेक करते समय महत्त्वपूर्ण बातें जो ध्यान रखना चाहिए :

1. ज्यादा डेप्रिसिएशन के कारण कंपनी की नेट इनकम कम हो जाती है जिससे रिटर्न ऑन इक्विटी कम हो जाता है जो कि कंपनी का सही ROE नहीं दिखाता।


2.यदि कोई कंपनी अपने शेयर को शरहोल्डर्स से बाय बैक करती है तो कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयर्स कम होते हैं जिससे की ROE में इजाफा होता है। तो यहाँ पर भी ROE सही नहीं दिखाएगा।


3. दोस्तों दो कंपनी के बीच में ROE की तुलना करने के लिए हमें सामान सेक्टर की कंपनी में तुलना करना चाहिए। क्योंकि सेक्टर वाइज ROE different हो सकते हैं

4. ROE का लगातार कम होना कंपनी और उसके निवशकों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। ठीक इसके विपरीत अगर ROE लगातार बढ़ रहा है तो यह अच्छा संकेत है।

5. कुछ कम्पनीज कर्ज लेकर अपने ROE को बढ़ा लेती हैं। जिससे लोगों को यहाँ भी भ्रम हो सकता है। अतः आपको उस कंपनी में Debt on Equity और ROCE भी देखना चाहिए।

आप पढ़ रहे हैं शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?

तो चलिए अब जानते हैं ROCE के बारे मे

ROCE (Return on capital Employed)

शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ?
Return on Capital Employed

रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड एक प्रॉफिटेबल रेश्यो होता है जो हमें यह बताता है कि कंपनी अपने बिजनेस में लगाए हुए पूँजी पर कितना प्रॉफिट कमा रही है। दूसरे शब्दों में कहे तो कंपनी अपने व्यापार में लगाए हुए सभी कैपिटल पर जो प्रॉफिट कमा रही है उसे ROCE कहते हैं।

ROCE की महत्वपूर्ण बातें:



1.ROCE एक Profitability रेश्यो है जिसका उपयोग कोई कंपनी अपने Capital का इस्तेमाल कितने कुशलता से कर रही है यह देखने के लिए किया जाता है।

2.ज्यादा ROCE वाली कंपनी यह संकेत देती है कि कंपनी अपने पैसों के इस्तेमाल से अच्छा रिटर्न जनरेटर कर रही है।

3.कंपनी के Profitability को निकालने के लिए ROCE के साथ साथ Return on Equity, Return on Assets Ect .. रेश्यों का भी उपयोग करना चाहिए।

4.दो कंपनीयों में ROCE कि तुलना तभी हो सकती है जब वह दोनों एक ही सेक्टर में काम करती हो।

ROCE Calculate करने का फार्मूला

ROCE = EBIT / Capital Employed

ROCE = EBIT / Equity + Non Current Liabilities
ROCE = EBIT / Equity + Long Term Debt
ROCE = EBIT / Equity + Long Term Debt + Short Term Debt

ROE और ROCE में क्या अन्तर होता है ?



1.ROE (Return on Equity) से हमे पता चलता है कि एक कम्पनी अपने Shareholders Fund पर अपने एक Financial Year में कितना Returns कमा रही है.

जबकि ROCE (Return on Capital Employed) से हमे पता चलता है कि एक कम्पनी अपने Business में लगे Total Capital पर अपने एक Financial Year में कितना Returns कमा रही है |

2.ROE (Return on Equity) कैलकुलेट करने के लिए हमें उस कम्पनी के Net Profit को उस कम्पनी की Total Shareholders Equity से Divide करना होता है.

जबकि एक कम्पनी का ROCE (Return on Capital Employed) कैलकुलेट करने के लिए हमें उस कम्पनी के EBIT (Earning Before Interest And Tax) को उस कम्पनी के Capital Employed मतलब की उस कम्पनी के Business में लगे Total Capital से Divide करना होता है |

3.ROE (Return on Equity) को एक कम्पनी द्वारा अपने Debt Portion को बढ़ाकर या फिर और भी विभिन विभिन्न तरीको से Manipulate किया जा सकता है.

जबकि ROCE (Return on Capital Employed) को एक कम्पनी द्वारा इस तरह से Manipulate नहीं किया जा सकता |

4.ROE (Return on Equity) एक कम्पनी द्वारा अपने Debt पर Pay किये जाने वाले Interest (ब्याज) को एक लागत की तरह लेता है एक खर्चे की तरह लेता है.

जबकि ROCE (Return on Capital Employed) उस Interest को एक Profit (मुनाफे) की तरह लेता है |

5.ROE (Return on Equity) को कैलकुलेट करते समय हम केवल एक कम्पनी के Shareholders Fund पर Returns को देखते है उसमे हम उस कम्पनी के Debt वाले Portion (हिस्से) को शामिल नहीं करते जिसके कारण हमे उस कम्पनी की Overall Profitability के बारे में एक सही जानकारी नहीं मिल पाती.

जबकि ROCE (Return on Capital Employed) कैलकुलेट करते समय हम एक कम्पनी के Shareholders Fund और Debt दोनों Portions (हिस्सो) को शामिल करते है और उस कम्पनी के Total Capital पर Returns को देखते है जिससे हमे उस कम्पनी की Overall Profitability के बारे में एक सही जानकारी मिल पाती है|

आशा करता हूं ये पोस्ट शेयर बाजार में ROE और ROCE क्या है ? आपके लिए फायदेमंद रही होगी

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ROCE कितना होना चाहिए

Roce 10 से उपर अच्छा माना जाता है| अगर ROCE 20 से उपर हो तो बहुत बढ़िया माना जाता है |

भारत की सबसे बड़ी कंपनी का नाम क्या है?

धीरूभाई अम्बानी द्वारा स्थापित रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है |

भारत कितने नंबर पर सबसे अमीर देश है?

भारत की अर्थव्यवस्था वैसे तो जीडीपी के पैमाने पर दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था है. लेकिन प्रति व्यक्ति जीडीपी के पैमाने पर दुनिया के 194 देशों की सूची में भारत का स्थान 144वां है.

पूरी दुनिया में कितने देश हैं?

विश्व. में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त 196 सदस्य देश है |

भारत के 5 नाम क्या है?

प्राचीनकाल से भारतभूमि के अलग-अलग नाम रहे हैं भारतखण्ड, हिमवर्ष, आर्यावर्त, हिन्दुस्तान और इंडिया.

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