हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992

भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा घोटाला साल 1992 में हर्षद मेहता ने किया जिसमें उसने 4000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे उड़ा लिए |तो चलिए आज आप जानेंगे हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992

नमस्कार दोस्तों!!!!!

मैं आपका अपना राज ठाकुर आप सब का एक बार फिर से स्वागत करता हूं मेरे इस नए पोस्ट पर |

और मैं उम्मीद करता हूं कि जिस हर्षद मेहता के बारे मे आप जानने आए हैं इस पोस्ट के अंत तक आप उसे बेहतर तरीके से जान जाएंगे |

तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992

हर्षद मेहता पारिवारिक जीवन

हर्षद मेहता का नाम हाल ही मे आयी वेब सीरीज स्कैम 1992 के आने के बाद एक बार फिर से सुर्ख‍ियों में आ गया है। हर्षद मेहता एक ऐसा नाम जिसने कभी केंद्रीय सरकार से लेकर RBI तक की नींद हराम करके रखी थी।

2021 में हर्षद मेहता की जिंदगी प़र भी एक फिल्‍म आयी थी’द बिग बुल’, (The Big Bull) जिसमें अभ‍िषेक बच्‍चन (Abhishek Bachchan) लीड रोल में थे। जबकि इसके डायरेक्टर कुकी गुलाटी थे। शेयर बाजार की दुनिया में हर्षद मेहता को ‘शहंशाह कहा जाता था। य़ह एक ऐसा घोटाला था जिसका हिसाब लगाने में RBI तक के भी होश उड़ गए थे।

हर्षद ने 1984 में अपने बडे भाई के साथ,खुद की एक कंपनी शुरू की।जिसका नाम था Grow More Research & Asset Managemen. इन्होंने जल्द ही BSE में मेंबरशिप भी ले ली। हर्षद मेहता ने साल 1986 में ट्रेडिंग करना शुरू कर दिया। 1990 में बहुत से लोंगो ने भी, हर्षद की कंपनी में निवेश करना शुरू कर दिया।


करीब 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा का महाघोटाला


घोटाले की रकम क्या थी:-


हर्षद मेहता ने 1992 में घोटाला नहीं,बल्कि एक महाघोटाला किया था। आरबीआई (RBI) के मुताबिक, यह घोटाला करीब 4000 करोड़ रुपये से भी अधिक का था। हर्षद भले ही मुंबई में रहता था,लेकिन जब घोटाला सामने आया तो इसकी जद में प्रधानमंत्री आवास तक आ गया था।

हर्षद मेहता ने दावा किया था कि ‍उन्होंने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री PV नरसिम्‍हा राव को भी 01 करोड़ रुपये की रिश्‍वत दी थी। गुजरात के एक आम परिवार से संबद्ध रखने वाला हर्षद शांतिलाल मेहता कैसे दलाल स्‍ट्रीट का ‘बिग बुल’ बन गया, इसकी कहानी बेहद दिलचस्‍प भी है और काफी रोमांचक भी।


1992 में हुआ स्कैम का पर्दाफाश:-



90,s का दशक वैश्वीकरण के लिए जाना जाता है उस समय हिंदुस्‍तान बदल रहा था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह भारत के वित्त मंत्री थे जो बाद मे भारत के प्रधानमंत्री भी बने वहीं पीवी नरसिम्‍हा राव (PV Narsimha Rao) उस समय प्रधानमंत्री थे।

1991 में नई आर्थिक नीति लागू की गई। भारत के व्यापार के दरवाजे दुनिया के लिए पूरी तरह खोल दिए गए। निजीकरण को बढ़ावा दिया गया। लेकिन इसी दौरान 1992 में हर्षद मेहता के घोटाले का पर्दाफाश हुआ।


सेबी का गठन:-


1992 में हर्षद मेहता का घोटाला इतना बड़ा था कि सरकार को शेयर बाजार को नियंत्रित और बिना भ्रष्टाचार से चलाने के लिए SEBI (security Exchange Board of India) का गठन करना पड़ा

जो भारत सरकार का एक बेहद अच्छा निर्णय माना जाता है


हर्षद मेहता का शुरुआती जीवन:-


हर्षद का जन्म गुजरात के राजकोट में 29 जुलाई 1954 को हुआ था। जब वो बड़ा हुआ तो मुंबई में एक बीमा कंपनी में नौकरी करने लगा। लेकिन इसके कुछ पश्चात ही उसने बीमा कंपनी छोड़ स्‍टॉक मार्केट में काम करने का निर्णय किया। हर्षद ने एक दलाल फर्म में नौकरी शुरू।

बहुत ही जल्द साल 1984 में उसने खुद की कंपनी शुरू की और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) की मेंबरशिप ले ली। 90 का दशक आते आते हर्षद मेहता स्‍टॉक मार्केट का किंग बन गया।


हर्षद बन चुका था एक ICON


दलाल स्‍ट्रीट पर काम करने वाला और शेयर बाजार में दिलचस्पी रखने वाला हर एक शख्स 80-90 के दशक में हर्षद मेहता बनना चाहता था। वजह थी उसकी अविश्वसनीय तरक्की। हर्षद मेहता के काम करने का तरीका बेहद अलग था,वो कैसे काम करता है यह जानना हर किसी की दिलचस्‍पी थी।

ऐसा इसलिए कि वह जिस भी कंपनी के शेयर को छूते तो उसकी कीमतें आसमान को छूने लगतीं। उदाहरण से समझें तो जिस ACC कंपनी के शेयर को हर्षद मेहता ने 200 रुपये में खरीदा, वो कुछ ही दिनों में 9000 रुपये पार कर गया।


टाइम्स ऑफ इंडिया ने किया स्कैम का खुलासा:-

क्या आप जानते हैं हर्षद मेहता के इस घोटाले का खुलासा ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक पत्रकार सुचेता दलाल ने किया था। सुचेता ने इस घोटाले के बाद देबाशीष बासु संग ‘द स्कैम’ नाम की किताब भी लिखी थी, जिस पर अभी हंसल मेहता की टीवी सीरीज ‘1992 द स्‍कैम’ और ‘द बिग बुल बनाई गयी है।


घोटाले का फार्मूला:-


हर्षद मेहता के 1992 के घोटाले का जो फॉर्मूला था वो काफी रोचक था वो बैंक से 15 दिनों का ऐसा कर्ज लेता था, नियमों के अनुसार किसी को 15 दिन का कर्ज नहीं मिलता लेकिन उसके केस में ये आम बात थी|

मतलब स्‍टॉक खरीदने और बेचने के लिए हर्षद मेहता को कभी भी पैसे की कमी हुई ही नहीं। वास्तव में हर्षद मेहता बैंकिंग सिस्‍टम के बारे मे बहुत कुछ जानते थे जहां उसने तगड़ी सेटिंग कर अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी।

यहाँ तक कि बैंकों को जब भी कैश की जरूरत होती तो वो अपने सरकारी बॉन्ड दूसरे बैंक के पास गिरवी रख कर पैसे ले लेते थे, जबकि असल में बॉन्ड का लेनदेन नहीं होता।हर्षद मेहता ने बैंकों कि इसी नब्‍ज को अपना हथ‍ियार बनाया था। हर्षद मेहता बैंक से 15-20 दिन का कर्ज लेता था और फिर मुनाफा होने पर पैसा लौटा देता था |



जैल में हुआ हार्ट अटैक से निधन:-

इसके बाद कई. केसों में हर्षद अंदर हुआ लेकिन हर बार वो बच जाता था लेकिन 2001 में हर्षद मेहता दोबारा गिरफ्तार हुआ लेकिन इस बार 31 दिसंबर 2001 दिल का दौरा पड़ने से हर्षद मेहता की जैल में ही मौत हो गई।इसके बाद साल 2006 में हर्षद मेहता के केस का भंडफोड़ करने वाली रिपोर्टर सुचेता दलाल को भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्‍मानित किया।

आप पढ़ रहे हैं हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992

लाइफस्टाइल:-

हर्षद मेहता की पूरी जिंदगी, किसी बॉलीवुड के हीरो से कम नहीं थी। हर्षद मेहता के पास मुम्बई के वर्ली मे एक खूबसूरत सा पेंटहाउस था। इसमें गोल्फ कोर्स और स्विमिंग पूल भी था।हर्षद की जिंदगी और उसका lifestyle पूरी तरह से बदलता चला गया।

हर्षद गाडियों का भी बेहद शौकीन था। इसके पास एक से बढ़कर एक, लग्जरी गाड़ियों का मानो खजाना था।इसमें Toyota Corolla, Lexus LS 400, Toyot Sera नाम की Luxurious cars शामिल थी। ये गाडियां शायद उस समय के अमीर लोगों के लिए भी महँगी थी। यही नहीं धीरे धीरे बड़े-बड़े लोगों के साथ, उनका उठना-बैठना भी शुरू हो गया था।

हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992
हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992
घोटाला आखिर होता कैसे था:-

हर्षद मेहता बैंकों से लोन लेता था और उनके उस पैसे को शेयर बाजार में लगा देता था,और फिर जब शेयर बाजार से मुनाफा होता तो बैंक का पैसा उन्हें लौटा देता |

हर्षद मेहता पूरी तरह से बैंकिंग सिस्टम का फायदा उठाता था | लेकिन जल्द ही वो CBI के चंगुल मे फस गया और जैल में भेज दिया गया |

जहां हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गयी इसके पश्चात उसके परिवारजनों को स्कैम के पैसे baapis देने पड़े|

उम्मीद करता हूँ आपको य़ह पोस्ट हर्षद मेहता एक बिग बुल:: स्कैम 1992 बेहद पसंद आयी होगी |

अगर आप और गहराई से हर्षद मेहता के बारे मे जानना चाहते हैं तो इन्हें देखें:-

Harshad mehta spam : kooku FM

The Scam

अभी हाल ही मैं एक अन्य वेब सीरीज Sony liv पर आ चुकी है जोकि scam 1992 नाम से था |

हर्षद मेहता ने कितने करोड़ का घोटाला किया था?

कहा जाता है कि हर्षद मेहता ने 4000 करोड़ से भी ज्यादा का घोटाला किया था |

हर्षद मेहता को क्या हुआ?

हर्षद मेहता 2001 में जैल में हार्ट अटैक आने से मारा गया था |

हर्षद मेहता के पास कितनी संपत्ति थी?

जानकारों की माने तो हर्षद मेहता के पास कुल 3500 करोड़ से अधिक की सम्पति थी |

हर्षद मेहता के समय भारत के प्रधानमंत्री कौन थे?

PV नरसिम्हा राव |

हर्षद मेहता अभी कहाँ है?

हर्षद मेहता की 2001 में हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है |

हर्षद मेहता ने किस बैंक से लोन लिया था

हर्षद मेहता ने तक़रीबन हर बैंक से लोन लिया हुआ था

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