Equity Fund क्या होता है |Why it is Important for traders

शेयर मार्केट में यदि आप भी निवेश करने की सोच रहे हो तो आपको ये अवश्य मालूम कर लेना चाहिए कि Equity Fund क्या होता है |Why it is Important for traders

Equity Fund में निवेश करना बेहद ही सरल है और यदि आप बेहतर तरीके से निवेश करते हैं तो यकीन मानिये आप काफी बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं |

नमस्कार दोस्तों!!!

मैं Raaz आप सभी का एक बार फिर से स्वागत करता हूं शेयर मार्केट सीरीज के इस नए ब्लॉग में और उम्मीद करता हूं जिस प्रश्न का ज़वाब आप ढूँढने आए हैं वो आपको जरूर मिलेगा |

Table of Contents

Mutual Fund की स्थापना कब हुई :–

1964 में |

भारत का पहला mutual fund कौन सा था :–

यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया |

Mutual Fund के कितने प्रकार हैं :–

1. इक्विटी फंड
2. डेट फंड
3. हाइब्रिड फंड
4. इंडेक्स फंड जैसे अन्य फंड

भारत मे mutual fund को कौन नियंत्रित करता है :–

Security And Exchange Board Of India |जिसे सेबी के नाम से भी जाना जाता है |

SIP का पूरा नाम क्या है और दुनिया मे कितने mutual fund हैं :–

SIP = Systematic investment Plan

दुनिया मे 2022 में लगभग 137,892 mutual fund पाए गए हैं |

Equity fund क्या है :‐

इक्विटी फंड म्यूचुअल फंड की एक स्कीम है जो भिन्न-भिन्न शेयरों में बेहतर रिटर्न की उम्मीद के साथ निवेश करती है|

डेब्ट फंडों की तुलना में, equity फंडों से अधिक रिटर्न की उम्मीद की जाती है, हालांकि शेयर बाजार के जोखिमों को नकारा नहीं किया जा सकता |

इसमे कंपनी के fundamental analysis की काफी अहमियत रहती है क्योंकि fundamental analysis ही लोंग टर्म निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है |

Equity fund के प्रकार :–

Equity Fund के अलग अलग प्रकार हैं जिसमें मुख्य हैं :–

  • मार्केट केप के आधार पर:–
  • निवेश शैली के आधार पर :–
  • निवेश रणनीति के आधार पर :–
  • कर उपचार के आधार पर :–
मार्केट केप के आधार पर :–

1.Large cap fund :–

लार्ज कैप म्यूचुअल फंड वो फंड होते हैं, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 100 कंपनियों के शेयरों में कुल संपत्ति का कम से कम 80% निवेश करते हैं। इन फंडों को हम ‘ब्लूचिप फंड के नाम से भी जानते हैं| 20,000 करोड़ या उससे अधिक सम्पति वाली कंपनियों को हम large cap funds बोलते हैं |

2.Mid-Cap Funds :–

मिड-कैप फंड को ओपन-एंडेड इक्विटी फंड के रूप में भी जाना जाता है,ये वे कम्पनियां हैं जो काफी समय से काम कर रही हैं और इनका अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड भी है।

साधारण शब्दों मे 5,000 करोड़ से लेकर 20,000 करोड़ के मार्केट केप वाली कम्पनियां mid cap श्रेणी में आती हैं |

3. Small Cap Funds –

स्मॉल कैप फंड वो फंड होते हैं जो मुख्य रूप से बाजार पूंजीकरण के मामले में 250 से नीचे की कंपनियों में निवेश करते हैं। इस लिस्ट में वो कम्पनियां शामिल हैं जिनका मार्केट केप 500 करोड़ से कम का होता है |

निवेश शैली के आधार पर :–

1. ऐक्टिव फंड :

ये योजनाएं अक्सर फंड मैनेजरों द्वारा प्रबंधित की जाती हैं जो सावधानीपूर्वक उन शेयरों का चयन करते हैं जिन्हें वे निवेश करना चाहते हैं।

2. पैसिव फंड्स : –

आमतौर पर, ये फंड एक मार्केट इंडेक्स या डिवीजन को ट्रैक करते हैं जो उन शेयरों की सूची को निर्दिष्ट करता है जिसमें स्कीम निवेश करेगी। इन योजनाओं में फंड मैनेजर की कोई खास सक्रिय भूमिका नहीं होती |

निवेश रणनीति के आधार पर :–

1. थीम और सेक्टोरल फंड –

कोई भी इक्विटी फंड निवेश के लिए किसी भी एक विशेष विषय या सेक्टर को अपना सकता है, जैसे एक अंतर्राष्ट्रीय स्टॉक थीम या एक नई उभरती हुई बाजार थीम, आदि। ये किसी भी निश्चित क्षेत्र जैसे IT सेक्टर, Finance, बिजनेस सेक्टर इत्यादि में निवेश कर सकते हैं |

2. फोकस्ड इक्विटी फंड :-

ये फंड सीमित संख्या का चुनाव करके उन स्टॉक में निवेश करते हैं, जो मुख्य रूप से 20 और 30 शेयरों के बीच होता है। इन फंडों का उद्देश्य उच्च कस्टमर वेस् का लाभ उठाकर उच्च रिटर्न उत्पन्न करना है। परंतु इनका फंड में जोखिम भी सबसे अधिक होता है |

3. कॉन्ट्रा इक्विटी फंड :

ये फंड लोंग टर्म के लिये वैल्यू फंड पर दांव खेलते हैं और अंडरपरफॉर्मिंग स्टॉक्स को पहचानने और उन्हें कम कीमतों पर खरीदने के लिए, ये स्कीम बाजार का मूल्यांकन करती हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि ये स्टॉक लंबे समय में स्थिर हो सकते हैं।

कर उपचार के आधार पर :–

1.ELSS : –

आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक के कर लाभ प्रदान करने वाली ELSS अकेली स्कीम है। ELSS अपनी शुद्ध संपत्ति का कम से कम 80% प्रतिभूतियों और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में निवेश करती हैं। इसके अलावा, इन योजनाओं में 3 साल की लॉक-इन अवधि है।

2. गैर-कर बचत निधि –

ELSS को छोड़कर सभी इक्विटी फंड गैर-कर भुगतान योजनाएं हैं। इसका मतलब यह है कि रिटर्न कैपिटल गेन पर टैक्स लगाने के लिए उत्तरदायी हैं।

आप पढ़ रहे हैं Equity Fund क्या होता है |Why it is Important for traders

Equity Fund किसके लिए बेहतर है :–

Long term investors के लिए :–

जो लोग शेयर मार्केट में लंबे समय तक निवेश की सोच रहे हैं उनके लिए Equity Fund सबसे बेहतर ऑप्शन माना जाता है जो निरंतर बेहतर प्रदर्शन के साथ हाई रिटर्न देने की काबिलियत रखते हैं |

हाई रिस्क हाई रिटर्न की पॉलिसी अपनाने वालों के लिए :–

जो लोग हाई रिटर्न पाने के लिए हाई रिस्क लेने के लिए तैयार हैं उनके लिए ये फंड काफी महत्वपूर्ण होने वाला है |

क्योंकि एक निवेशक के तौर पर आप यदि हाई रिस्क लेने के लिए तैयार हैं तो ये फंड आपको 18% तक का भी बेहतर रिटर्न दे सकते हैं |

Bet and Forget वालों के लिए :–

Bet and Forget यानी जो लोग लंबे समय के लिए किसी स्टॉक पर दांव खेलना चाहते हैं उनके लिए Equity fund सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है क्योंकि लंबे समय मे ये फंड अपने कस्टमर को कभी भी निराश नहीं करता |

लेकिन यहां लोंग टर्म से हमारा अभिप्राय 10 se 15 साल तक का समय है |

Equity Fund के लाभ क्या हैं :–

1.High Return :–

इक्विटी म्यूचुअल फंड अन्य फंडों के मुकाबले ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने के लिए जाने जाते | ज्यादातर इक्विटी में निवेश हमेशा लंबी अवधि के लिए किया जाता है। शेयर की कीमत बढ़ने पर निवेश का मूल्यांकन तुरंत बढ़ता है।

2. विविध पोर्टफोलियो :–

एक इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना यह सुनिश्चित करता है कि, कंपनी की विभिन्न रणनीतियों, पॉलिसी,बाजारों आदि के माध्यम से, मालिक विभिन्न फर्मों में शेयरों और शेयरों की एक बड़ी रेंज का मालिक हो सकता है |

जितना बड़ा पोर्टफोलियो होगा उतना ही रिस्क कम रहता है |

3. कम लागत अनुपात :–

इक्विटी फंड में शेयरों की नियमित खरीद और बिक्री से योजना के लागत अनुपात में वृद्धि होगी। 2.5% पर इक्विटी फंड की लागत अनुपात के लिए उच्चतम सीमा को सेबी द्वारा स्थापित किया गया है। सेबी इसे और भी कम कर सकता है। निवेशकों के लिए, इसका मतलब अधिक रिटर्न मिलना है।

4. धारा 80 सी के तहत कर छूट :–

ELSS स्कीम के द्वारा इक्विटी एक्सपोजर के साथ आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट की पेशकश की जाती है। इसमें 3 साल का लॉक इन स्पैन है और यह positive रिटर्न के लिए जबरदस्त अवसर प्रदान करता है। निवेशक किस्तों में भी ELSS में निवेश कर सकते हैं।

5. लिक्विडिटी :–

Equity fund में अन्य फंडों के मुकाबले में बेहतर लिक्विडिटी देखने को मिलती है जो इसे और भी खास बनाती है |वैश्विक वित्तीय बाजारों के माध्यम से स्टॉक और शेयर नियमित रूप से कारोबार करते हैं तथा ये अन्य फंड के मुकाबले ज्यादा तरलता प्रदान करते हैं |

Equity Fund के नुकसान क्या हैं :–

1. नए निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है :–

Equity fund नए निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि बिना सम्पूर्ण जानकारी के शेयर बाजार में उतरना यानी आ बैल मुझे मार वाला हिसाब है |

2.कई बार हाई रिटर्न की जगह हाई रिस्क उठाना पड़ता है :

बहुत से निवेशक हाई रिटर्न की चाह में छोटी कंपनियों पर दांव लगा बैठते हैं जो उनके लिए लॉस का कारण बन जाते हैं इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी का fundamental analysis जरूर करें|

3.मार्केट क्रैश का खतरा :–

शेयर बाजार में क्रैश का खतरा बना रहता है जिसकी वज़ह से इनवेस्टर को हानि उठानी पड़ती है लेकिन ये इनवेस्टर के हाथ में नहीं होता | 2008 में भी ऐसा ही मार्केट क्रैश देखने को मिला था जब मार्केट 52% डाउन चला गया था |

4. कंपनी के दिवालिया होने का खतरा :–

कई बार हम किसी कंपनी के बारे मे सुनकर ही उसपर पैसा लगा देते हैं जिससे होता ये है कि कई बार ऐसी कंपनिया दिवालिया हो जाती है जिससे कस्टमर का सारा पैसा डूब जाता है |

आप पढ़ रहे हैं Equity Fund क्या होता है |Why it is Important for traders

Equity Fund में निवेश करने के लिए जरूरी दस्तावेज :
  • Pan card (टैक्स के लिए)
  • Aadhar card
  • Kyc Document
  • Address Proof
  • Mobile no aadhar से लिंक हुआ |
Equity Fund में निवेश करने का तरीका :–
  • सबसे पहले google play stor App पर जाएं
  • उसके बाद Zerodha App download करें
  • उसके बाद zerodha पर अपना अकाउंट बनायें जिसके लिए आधार कार्ड के साथ आपके मोबाइल नंबर का लिंक होना अनिवार्य है |
  • Account open होने के बाद mutual fund सेक्शन में जाकर कोई भी बेहतर Equity fund में निवेश करें |
  • Mutual fund में निवेश के लिए KYC अनिवार्य है इसलिए KYC जरूर करवा लें |
  • Zerodha App का लिंक नीचे दिया गया है :–

https://zerodha.com/

निष्कर्ष :–

कुल मिलाकर यदि बात करें तो Equity Fund में निवेश करना एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है लेकिन इसके बावजूद आप अपने रिस्क काबिलियत और घर के हालात के हिसाब से आप निवेश कर सकते हैं |

यदि आप भी कुछ करने के लिए motivation ढूंढ रहे हैं तो इन्हें अवश्य सुनें :–

Harshvardhan Jain

Sonu Sharma

सबसे अच्छा इक्विटी फंड कौन सा है?

1. इंडिया ईक्यू कॉन्ट्रा फंड – डायरेक्ट प्लान— 1 1% का रिटर्न पिछले 05 वर्षो में |

2. मिरे एसेट इमर्जिंग ब्लूचिप फंड – रेगुलर ग्रोथ— 16%

3. IIFL फोकस्ड इक्विटी फंड – डायरेक्ट प्लान — 13%

4. एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड – ग्रोथ— 12%
सभी प्लान का पिछले 05 सालों का रिटर्न है |

क्या इक्विटी और शेयर में कोई अंतर है?

नहीं |
शेयर और Equity एक ही चीज है |

भारत में कितने इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं?

Equity Mutual Fund 12 प्रकार के होते हैं |

भारत में सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड कौन सा है?

यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया भारत का सबसे बड़ा और पुराना mutual fund है |

SIP को हिंदी में क्या कहते हैं?

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी व्यवस्थित निवेश योजना |

भारत में कुल कितने म्यूचुअल फंड हैं?

भारत में लगभग 50 पंजीकृत mutual fund सेवाएं दे रहे हैं |

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