Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?

आप सब शेयर मार्केट लवर्स का एक बार फिर से स्वागत है मेरे इस नए ब्लॉग पर जिसमें आप जानने वाले है Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है ?

नमस्कार दोस्तों!!!

मैं आपका राज ठाकुर एक बार फिर से आप सबका स्वागत करता हूं मेरे इस नए ब्लॉग पर |

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने वाले हो तो आपको अक्सर सुनने को मिलेगा Intraday और Delivery जैसे शब्द तो निवेश करने से पहले आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है|

Table of Contents

इंट्रा-डे ट्रेडिंग

इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही ट्रेडिंग दिन के भीतर स्टॉक खरीदना और बेचना शामिल है। यहाँ शेयरों को निवेश के लिए नहीं, बल्कि स्टॉक इंडेक्स का उतार–चढ़ाव को बढ़ावा देकर लाभ पाने के लिए खरीदा जाता है। इस प्रकार, शेयरों के ट्रेडिंग से लाभ कमाने के लिए शेयरों की कीमतों में उतार–चढ़ाव पर नजर रखी (मॉनिटर) जाती है।

या साधारण शब्दों मे कहें तो

जैसा की इंट्राडे ट्रेडिंग के नाम से ही पता चल रहा हैं ये ट्रेडिंग एक दिन के भीतर ही की गई ट्रेडिंग होती हैं। यानी की इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर के Buy और Sell के दोनों सौदे एक ही ट्रेडिंग दिन में कर दिए जाते हैं।

इंट्राडे ट्रेडिंग में सुबह 09:15 से शाम के 03:30 के दौरान सौदा समाप्त हो जाता हैं।

Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?
Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?



इंट्रा डे ट्रेडिंग के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता खोला जाता है। इंट्रा डे ट्रेडिंग करते समय, आपको यह बताना होगा कि ऑर्डर इंट्रा डे ट्रेडिंग के लिए कुछ विशेष हैं। जैसा कि ऑर्डर ट्रेडिंग दिन ढलने से पहले चुकता कर रहे हैं, इसलिए, इसे इंट्रा डे ट्रेडिंग भी कहा जाता है।

Intraday कैसे काम करती है

इंट्राडे ट्रेडिंग रेगुलर ट्रेडिंग से बिल्कुल अलग होती है। इंट्राडे ट्रेडिंग में किसी एक ही दिन में Buy और Sell दोनों के सौदे किए जाते हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए आपको इंट्राडे विकल्प या MIS विकल्प का चुनाव करना होता है।

कई डिस्काउंट ब्रोकर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए अच्छा-खासा मार्जिन भी उपलब्ध करवाते हैं। यानी कि आपके डिमैट अकाउंट में पैसा कम है परंतु आपको शेयर खरीदने के लिए स्टॉक ब्रोकर के द्वारा अतिरिक्त मार्जिन या लिवरेज उपलब्ध करवाया जाता है। जिसकी मदद से आप ज्यादा शेयर खरीद सकते हैं।

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे काम करता हैं इसे एक उदाहरण से समझते हैं –

अगर आपने Tata के 100 शेयर ₹250 के मूल्य पर खरीदे हैं। अगर उस दिन tata का शेयर प्राइस ₹250 से बढ़कर ₹255 हो जाता है और आप उस समय अपने शेयर्स बेच देते हैं तो आपको ₹500 का फायदा हो जाएगा।

लेकिन अगर आपने शेयर खरीद कर रख लिए और उस दिन आप अपने शेयर्स बेचना भूल जाते हैं तो इस स्थिति में आप का स्टॉक ब्रोकर स्वयं अपनी तरफ से आपके शेयर बेच देगा। उस समय जो भी मार्केट प्राइस शेयर की चल रही होगी उसके अनुसार आपको प्रॉफिट या लॉस होगा।

इसके अलावा स्टॉक ब्रोकर आपकी इंट्राडे पोजीशन को डिलीवरी पोजीशन में बदल सकता है जिससे कि आपके शेयर आपके डीमैट अकाउंट में डिलीवरी के अंतर्गत क्रेडिट हो जाते हैं।

Intraday ट्रेडिंग के फायदे:-

कम समय मे ज्यादा लाभ:-

Intraday Trading से आप बहुत ही कम समय मे काफी सारा पैसा कमा सकते हो

क्योंकि Intraday में एक दिन के अंदर ही शेयर खरीदे व बेचे जाते हैं तो इससे एक बड़ा प्रॉफिट होने के चांस रहते हैं

विभिन्न स्टॉक्स में ट्रेडिंग कर सकते हैं


इंट्राडे में आप विभिन्न स्टॉक में ट्रेडिंग कर पैसे कमा सकते है। आपको केवल सही स्टॉक को खरीदना और बेचना है। शेयर खरीदने के लिए प्रयाप्त धनराशी और तेज Internet Connection और लैपटॉप होना चाहिए। आप मोबाइल से भी ट्रेडिंग कर सकते है, लेकिन मोबाइल में सही एनालिसिस नहीं कर सकते है। इसलिए लैपटॉप या डेस्कटॉप होना चाहिए।

इंट्राडे ट्रेडिंग में मार्जिन मिलता है?

जब आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते है, आपका ब्रोकर ट्रेडिंग करने के लिए मार्जिन मनी देता है, यह मार्जिन 5 गुना तक हो सकता है। जैसे- यदि कोई शेयर की कीमत 500 रुपये है तो वह शेयर आपको ब्रोकर की तरफ से 100 रुपये मिल जायेगा। इसे हम आप्शन Price भी कहते है। लेकिन शर्त यह होती है कि ख़रीदे गए शेयर को मार्केट बंद होने से पहले बेचना होता है।

हर दिन प्रॉफिट कमा सकते हैं

कई लोग इंट्राडे ट्रेडिंग रोज पैसे कमाने के लिए करते है। आप शेयर का सही Analysis करके प्रतिदिन पैसे कमा सकते है। पैसे कमाने के लिए आपको लम्बा इन्तिज़ार नहीं करना होता है।

Down market पर भी प्रॉफिट बुक कर सकते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मार्केट चाहें ऊपर जाये या डाउन जाये, दोनों ही स्थितियों में पैसे कमा सकते है। अगर मार्केट ऊपर जाये तो आप शेयर खरीद सकते है और यदि मार्केट डाउन जाये तो आप Short Selling कर सकते है।

साइड Income भी बना सकते हैं

शेयर मार्केट जल्दी पैसे कमाने के लिए एक बहुत ही अच्छा प्लेटफार्म है, यदि आप शेयर मार्केट में Expert बन जाते है, तो आप जॉब के अलावा अपनी Passive Income बना सकते है। इसके लिए आप ब्लॉग लिख कर, यूट्यूब चैनल बना कर और भी कई साधनों से Income जनरेट कर सकते हो



इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान (Disadvantage of Intraday Trading)


जिस तरह इंट्राडे ट्रेडिंग में फायदे होते है, उतना ही नुकसान भी होते है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में जोखिम की सम्भावना अधिक होती है,

बिना जानकारी के ट्रेडिंग करने पर अपना पैसा डूबा सकते है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में अगर आपकी तकनीक सही नहीं है तो नुकसान होना लगभग तय है।

कई लोग जल्दी पैसे कमाने के चक्कर में इंट्राडे ट्रेडिंग में लाखो रुपये डूबा देते है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में केवल 15% लोग ही पैसे कमा पाते है। बाकी के 85% लोग अपने पैसे डूबा देते है।

Intraday Trading करते समय ध्यान रखने वाली बातें:-

1.इंट्रा डे ट्रेडिंग में सिर्फ लिक्विड स्टॉक में पैसा लगाना चाहिए. जबकि वोलेटाइल स्टॉक से दूरी बनानी चाहिए.


2. इंट्रा डे में बहुत ज्यादा स्टॉक की जगह अच्छे 2-3 शेयर्स का चुनाव करना चाहिए.


3. शेयर चुनते वक्त बाजार का ट्रेंड देखना चाहिए. इसके बाद कंपनी की पोर्टफोलियो चेक करें. आप चाहे तो शेयर को लेकर एक्सपर्ट की राय भी ले सकते हैं.


4. इंट्रा डे ट्रेडिंग में स्टॉक में उछाल और गिरावट तेजी से आते है, इसलिए ज्यादा लालच नहीं करना चाहिए और पैसा लगाने के पहले उसका लक्ष्य और स्टॉप लॉस जरूर तय कर लेना चाहिए. जिससे टारगेट पूरा होते देख स्टॉक को सही समय पर बेचा जा सके.



5.इंट्रा डे में अच्छे कोरेलेशन वाले शेयरों की खरीददारी करना बेहतर होता है.

आप. पढ़ रहे हैं Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?

Delivery trading

हर एक निवेशक के लिए डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। डिलीवरी ट्रेडिंग निवेशकों के लिए एक ऐसी विधि मानी जाती है जो उनको एक ही दिन में शेयर खरीद कर जब चाहे बेचने का अवसर प्रदान करती है।

शुरुआत में जो निवेशक डिलीवरी में शेयर खरीदता है वह अपने खरीदे गए शेयर डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर करवाता है। डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक अपनी मर्जी के अनुसार खरीदे हुए शेयरों को लंबे समय तक होल्ड करके अपने पास रख सकता है।


इस प्रक्रिया के लिए उसको किसी भी तरह की मनाही नहीं है। यह अक्सर देखा गया है की डिलीवरी ट्रेडिंग उन्हीं निवेशकों के लिए लाभदायक है जो लांग टर्म इन्वेस्टमेंट में विश्वास रखते हैं। डिलीवरी में निवेश करने के लिए निवेशक के पास पर्याप्त मात्रा में धनराशि होनी चाहिए।


डिलीवरी ट्रेडिंग में ट्रेडर को नुकसान ना के बराबर ही होता है। डिलीवरी ट्रेडिंग एक ऐसा स्रोत है पैसे कमाने का जिसमें की वारेन बुफेट और राकेश झुनझुनवाला जैसे बड़े व्यापारी इसमें अपने पैसे इन्वेस्ट करते हैं।


डिलीवरी ट्रेडिंग के कुछ महत्वपूर्ण नियम होते है:


निवेशक को डिलीवरी में शेयर खरीदने के लिए उस कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करना बहुत जरूरी होता है।


डिलीवरी में खरीदे गए शेयरों को बेचने के लिए सही समय की प्रतीक्षा करें जल्दबाजी में आकर कोई भी निर्णय ना लें जिससे कि आपको हानि हो।


निवेशक को डिलीवरी ट्रेडिंग में शेयर अलग-अलग कंपनियों के खरीदने चाहिए जिससे कि उसको आगे जाकर फायदा हो।

अच्छी तरह शेयर और अपने फंड को डायवर्सिफाई करने से नुकसान कम होता है।


निवेशक के लिए यह जरूरी है कि डिलीवरी ट्रेडिंग करने से पहले उसको उसकी अच्छी तरह से जानकारी ले लेनी चहिये ताकि वह हर एक कदम सोच-समझकर उठाए।


डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए हर एक ट्रेडर के खाते में पर्याप्त मात्रा में धन होना चाहिए ताकि उसको अपने शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए कोई भी दिक्कत ना हो।


ट्रेडर को अपने टारगेट प्राइस और स्टॉप लॉस की वैल्यू सेट करके रखनी चाहिए।


चाहे आपने शेयर डिलीवरी में लिए हैं लेकिन आपके पास एक स्टॉप लॉस जरूर होना चाहिए और उस स्टॉपलॉस को हिट करते ही आपको जितना नुकसान हो उसी नुकसान में निकल जाना चाहिए। मार्केट के ऊपर जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए।


निवेशक को अपने डिलीवरी ट्रेडिंग के अकाउंट को चलाने के लिए अपने शेयरों का पूरा मूल्य देना होता है।


डिलीवरी का कोई भी मार्जिन नहीं होता है जिस के कारण खरीदे गए शेयरों का मूल्य उसी समय चुकाना पड़ता है।

Delivery trading से पहले कंपनी का fundamental analysis जरूर कर लें

आप पढ़ रहे हैं Intraday ट्रेडिंग ओर Delivery ट्रेडिंग क्या होती है?

डिलीवरी ट्रेडिंग कैसे करते है?


निवेशक को लंबे निवेश के लिए ही डिलीवरी ट्रेडिंग में हिस्सा लेना चाहिए। इसमें ट्रेडर किसी भी नियम से बंधा नहीं होता है। वह अपनी मर्जी से शेयर को खरीद और जब मर्जी बेच सकता। वह शेयर को 2 दिन या 1 साल बाद खरीद या बेच सकता है।

डिलीवरी ट्रेडिंग में अगर निवेशक पैसे कमाना चाहता है तो उसे सही समय का इंतजार करना चाहिए और इसके लिए उसको एक बहुत ही परफेक्ट प्लान की भी आवश्यकता होती है।
क्योंकि अगर ट्रेडर को डिलीवरी ट्रेडिंग में अच्छा पैसा नहीं मिलता है तो वह अपने अनुसार शेयरों को होल्ड करके रख सकता है। हर एक निवेशक के पास डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए पर्याप्त मात्रा में धनराशि होनी चाहिए। अगर उसके पास पर्याप्त मात्रा में धनराशि नहीं है तो वह शेयर नहीं खरीद सकेगा।

डिलीवरी में ट्रेडिंग करने की फीस:


डिलीवरी में शेयर लेने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि ज्यादातर स्टॉक ब्रोकर डिलीवरी के लिए ब्रोकरेज फीस नहीं लेते है। जिसका मतलब है कि आपको शेयर खरीदने और बेचने के लिए किसी भी तरह की ब्रोकरेज नहीं देनी पड़ती है।

डिलीवरी ट्रेडिंग में सबसे पहला शुल्क जीएसटी का लगता है और जीएसटी का शुल्क ब्रोकर के साथ ट्रांजैक्शन करते वक्त भी देना होता है।

डिलीवरी के लिए एसटीटी और सीटीटी का शुल्क भी लगता है।
ट्रांजैक्शन चार्जेस भी लगते हैं।

1899 में भारत Stamp Act द्वारा स्टैंप ड्यूटी के नाम का शुल्क भी लगाया गया है।

डिलीवरी में आमतौर पर SEBI द्वारा भी शुल्क लगाया जाता है।
डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक को ब्रोकर द्वारा एक मार्जिन भी दिया जाता है।

जिसमें कि वह कम ब्याज दर पर शेयर खरीद सकता है। ब्रोकर निवेशक को इस तरह का मार्जिन बताता है जिसमें कि ब्याज दर बहुत ही कम होता है या फिर ना के बराबर ही होता है ताकि निवेशक डिलीवरी ट्रेडिंग में लंबे समय तक बना रहे।

नए निवेशकों को हमेशा मार्जिन ट्रेडिंग से दूर रहना चाहिए क्योंकि इसमें जोखिम होता है। उदाहरण के तौर पर चाहे आपको लाभ हो या हानि हो आपका स्टॉक ब्रोकर आपसे जो भी बनता ब्याज होगा वह जरूर लेगा।


डिलीवरी ट्रेडिंग के फायदे


डिलीवरी ट्रेडिंग को सुरक्षित माना जाता है क्योंकि जैसे कि इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही दिन में शेयर खरीदने और बेचने के लिए निवेशक बाध्य होता है। डिलीवरी ट्रेडिंग में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है तभी इसमें जोखिम भी कम होता है।

शेयर डिलीवरी में लेने का एक और फायदा यह भी है कि इसमें निवेशक शेयरों को अपने पास सही समय आने तक रोक कर रख सकता है।

डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक लंबे समय के लिए निवेश कर सकता है यह भी ट्रेडर के लिए एक फायदा ही साबित होता है।

निवेशक को डिलीवरी ट्रेडिंग में ब्रोकरेज नहीं देना पड़ता है।
आप हर तरह के शेयर की डिलीवरी डीमैट अकाउंट ले सकते हैं

डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक जो भी शेयर खरीदता है। वह उसके बोनस का हकदार खुद होता है क्योंकि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का मालिक वह खुद होता है और बोनस का फायदा भी वह सीधा खुद ही लेता है।

शेयर डिलीवरी में पैसा लगाने से आपको उस पैसे से अच्छा मुनाफा हो सकता है।

जब हम डिलीवरी में ट्रेड करते हैं तो हमें मार्केट में आने वाली बुरी खबरें और अच्छी खबरें के प्रभाव से शेयर बाजार में आने वाली तेजी और मंदी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।

इसमें में आपके पास अच्छे शेयर होने से आप बैंक से बड़ी रकम का लोन भी ले सकते हैं।


डिलीवरी ट्रेडिंग के नुकसान


हर एक निवेशक को डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए एडवांस में पैसा देना होता है और इसके साथ ही अगर आपके पास उचित मात्रा में धन है तो ही आप डिलीवरी में स्टॉक का ट्रेड कर सकते हैं।

इसमें निवेशक को धैर्य रखकर लंबे समय का निवेश करना होता है।

इसमें स्टॉक मार्केट क्रैश का रिस्क भी बना रहता है।

लंबे समय तक निवेश करने से अच्छे रिटर्न आने की गारंटी नहीं होती है।

और अगर आपको कंपनी का fundamental analysis करना नहीं आता तो आप लॉस बुक कर सकते हो

अगर आप फोन से Trading करना चाहते हैं तो उसके लिए बेस्ट ब्रोकर हैं :-

https://zerodha.com/open-account/

Upstox

Angel one

मैं आशा करता हूं कि ये पोस्ट आपके लिए काफी ज्ञानवर्धक रही होगी |

पढ़ने के लिए शुक्रिया!!!

क्या एक शुरुआत करने वाला इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकता है

जी हां,एक beginner भी Intraday कर सकता है जिसके लिए उसके पास Demat Account होना जरूरी है |

क्या मैं इंट्राडे ट्रेडिंग से 1000 रुपये कमा सकता हूं

बेहद आराम से आप एक दिन में 1000 रुपये कमा सकते हो लेकिन पहले Intraday से संबंधित ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए |

क्या इंट्राडे फुल टाइम जॉब हो सकती है?

उत्तर है जी हां लेकिन उसके लिए आपको डे ट्रेडिंग का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए |

बिना इन्वेस्टमेंट के 500 रुपये प्रतिदिन कैसे कमाए?

ब्लॉगिंग से
यूट्यूब से
Affiliate मार्केटिंग से
E book लिख कर

कौन सी ट्रेडिंग टैक्स फ्री है?

अगर आप किसी स्टॉक को 01 साल से अधिक समय तक अपने पास रोक कर रखते हैं तो उसके बाद वह स्टॉक टैक्स फ्री हो जाता है |

ट्रेडिंग में जीएसटी की गणना कैसे की जाती है?

लागू जीएसटी की दर जहां भी लागू हो, राशि का 18% है।

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