NSE और BSE क्या है?

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं तो उससे पहले शेयर मार्केट से संबधित भारत के दो सबसे बड़े स्टॉक मार्केट NSE और BSE के बारे में आपने जरूर सुना होगा तो चलिए इस पोस्ट में मैं आपको बताऊँगा NSE और BSE क्या है?

नमस्कार दोस्तों!!!

मैं आपका अपना राज ठाकुर एक बार फिर स्वागत करता हूं इस शेयर बाजार की सीरीज के एक और ब्लॉग पर….

भारत में वर्तमान में 23 स्टॉक एक्सचेंज है जिसमें से 02 राष्ट्रीय स्तर के और 21 क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज है |

मैं आपको बताने जा रहा हूं राष्ट्रीय स्तर के दोनों स्टॉक एक्सचेंज NSE ओर BSE के बारे मे

NSE (National Stock Exchange)
NSE का पूरा नाम
NSE का स्थापना वर्ष
NSE में Listed कंपनी संख्या
NSE के उद्देश्य
NSE Index Nifty 50
Top 15 मार्केट केप के आधार पर
NSE और BSE क्या है?

NSE का पूरा नाम :-

NSE का फुल फॉर्म नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है, यह एक बाज़ार के रूप में कार्य करता है जहाँ लोग अपने स्टॉक को खरीद और बेच सकते हैं। जबकि एक स्टॉकब्रोकर आपको ऑर्डर खरीदने और बेचने में मदद करता है, पृष्ठभूमि में स्टॉक एक्सचेंज यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक खरीदार एक उपयुक्त विक्रेता से मिले।

NSE का स्थापना वर्ष:-

NSE की स्थापना 1992 में देश के पहले इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक एक्सचेंज के रूप में हुई थी।


इक्विटी ट्रेडिंग के मामले में भारत में सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने के नाते, एनएसई पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम प्रदान करने वाला पहला एक्सचेंज था।

एनएसई ने 2000 में इंटरनेट के माध्यम से व्यापार भी शुरू किया, जिसका अर्थ था कि कोई भी व्यक्ति स्टॉक मार्केट में व्यापार और निवेश कर सकता है यदि उनके पास इंटरनेट कनेक्शन है, चाहे उनका स्थान कुछ भी हो।


एनएसई का व्यापक संचालन है, और इसमें एक्सचेंज लिस्टिंग, ट्रेडिंग सेवाएं, क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवाएं, मार्केट डेटा फीड्स, इंडेक्स आदि शामिल हैं।

NSE में Listed कंपनी संख्या:-

एनएसई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध 1,925 कंपनियां हैं, जिनमें 1,793 कंपनियां सक्रिय रूप से कारोबार कर रही हैं,

जिसमें विदेशी कंपनियों की भारतीय और भारतीय दोनों सहायक कंपनियां शामिल हैं, जिन्हें 13 अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का उदेश्य:-

  1. सभी निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करने तथा शेयर खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान करना |
  2. सभी निवेशक सामान रूप से प्रतिभूति को खरीद और बेच सके।
  3. शेयर बाजार को निष्पक्ष, पारदर्शी और दक्ष बनाना।
  4. ख़रीदे और बेचे गए शेयर को अल्प समय में हस्तानांतरित करना।
  5. प्रतिभूति बाजार को अंतरास्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप स्थापित करना।

Top 15 कंपनियां मार्केट केप के आधार पर

NSE और BSE क्या है?
2023 तक

NSE और BSE क्या है?

NSE Index Nifty 50:-आप सीख रहे हैं NSE और BSE क्या है?

What Is Nifty: शेयर मार्केट का जब भी जिक्र होता है। उस दौरान निफ्टी का नाम अवश्य लिया जाता है। हम में से कई लोगों ने निफ्टी शब्द को कहीं न कहीं जरूर सुना होगा। अक्सर निफ्टी सूचकांक का जिक्र समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर किया जाता है।

वहीं क्या आपको इस बारे में पता है कि आखिर निफ्टी होता क्या है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं। निफ्टी में हो रहे उतार चढ़ाव से इस बारे में आसानी से जाना जा सकता है कि स्टॉक मार्केट का व्यवहार कैसा है?

भारत में कई लोग निफ्टी के इंडेक्स फंड में निवेश करते हैं। इसमें होने वाले उतार चढ़ाव से निवेशकों को फायदा और नुकसान होता है। इसी वजह से बड़े बड़े निवेशकों की नजर इस सूचकांक पर हमेशा बनी रहती है।

अगर निफ्टी में एक बड़ी गिरावट आती है। उस दौरान निवेशकों को बड़े घाटे का सामना करना पड़ता है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं क्या होता है निफ्टी और कैसे करता है ये काम?

निफ्टी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अंतर्गत आता है। निफ्टी में देश की कुल 50 कंपनियों को इंडेक्स किया जाता है। इन कंपनियों का चुनाव देश के 12 अलग अलग सेक्टर से किया जाता है। निफ्टी शब्द नेशनल और 50 से मिलकर बना है। निफ्टी को निफ्टी 50 के नाम से भी जाना जाता है।

इसकी शुरुआत साल 1994 में की गई थी। निफ्टी में हो रहे उतार चढ़ाव से बाजार के विषय में पता चलता है कि उसका रुख किस दिशा में जा रहा है। निफ्टी की गणना भी सेंसेक्स की तरह फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर की जाती है।

BSE बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
BSE का पूरा नाम
BSE की स्थापना
BSE Index सूचकांक सेंसेक्स 30
BSE के कार्य व उद्देश्य
BSE में Listed टॉप 30 कंपनियां

आप पढ़ रहे हैं NSE और BSE क्या है?

BSE का पूरा नाम:-
BSE का पूरा नाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज है|यह भी राष्ट्रीय स्तर का स्टॉक एक्सचेंज है |

BSE की स्थापना

BSE यानि की bombay stock exchange की स्थापना आज से 147 वर्ष पहले तकरीबन सन 1875 में हुआ था। और यहाँ पुरे एशिया का सबसे तेज़ जाती वाला stock Exchange है।

और इसका फैलाव 450 शहरो तक है।

Bombay stock exchange के संस्थापक प्रेमचंद रॉयचंद थे।

BSE sensex में 30 कंपनी सूचीबद्ध है। जिन्हें 1986 में शामिल किया गया था। सभी प्रखयात और वित्य रूप से परिपूर्ण कम्पनिया है।

इन कंपनी के शेयर की मांग हमेशा बनी रहती है 13 नवंबर सन 2017 तक BSE sensex में एक और कंपनी शामिल हो गई ,

BSE में कुल शामिल कंपनी 5400 से अधिक है। और ये पुरे एशिया का सब से पुराना स्टॉक एक्सचेंज है।

सेंसेक्स 30 :-

Sensex दो शब्दों से मिलकर बना है – Sensitivity + Index . सेंसेक्स या संवेदी सूचकांक का शुभारम्भ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा 1 जनवरी 1986 में हुई थी।

सेंसेक्स में 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों में उतार चढाव की गणना की जाती है। ये कंपनियां मार्किट साइज के हिसाब से बहुत बड़ी, अच्छी ब्रांड वैल्यू और आर्थिक रूप से मजबूत होती है।


सेंसेक्स के घटते और बढ़ते क्रम से देश की बड़ी कंपनियों शेयर बाजार की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 5000 से भी अधिक कंपनियां है। इनमें से टॉप 30 कंपनियों को चुना गया है, जिसे सेंसेक्स के नाम से जाना जाता है।

BSE के कार्य व उद्देश्य :-

भारत में शायद ही ऐसी कोई कंपनी होगी जिसने पूंजी सर्जन के लिए बीएसई की सेवा नहीं ली हो।

बीएसई भारत में कैपिटल मार्केट का प्रतीक माना जाता है। बीएसई सेंसेक्स देश के अर्थतंत्र और वित्त बाजार की गतिविधियों को प्रतिबिम्बित करता बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समकक्ष रहकर बीएसई अनेक क्षेत्रों में प्रणेता रहा है। तीव्र प्रतिस्पर्धा के युग में बीएसई ने अनेक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा कर अपनी यश कीर्ति गाथा में चार चांद लगाए हैं।

  • इक्विटी डेरीवेटिव्स शुरू करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • फ्री प्लोट इंडेक्स शुरू करनेवाला भारत में पहला एक्सचेंज
  • यूएस डॉलर आधारित सेन्सेक्स प्रस्तुत करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • सेंसेक्स (बीएसई 30) बीएसई बाजार सूचकांक है जिसमें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध 30 अच्छी तरह से स्थापित और वित्तीय रूप से अच्छी कंपनियां शामिल हैं।[3]
  • एक्सचेंज आधारित इंटरनेट ट्रेडिंग प्लेटफार्म स्थापित करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • सर्वेलंस, क्लियरिंग और सेटलमेंट के वास्ते आईएसओ प्रमाणपत्र हासिल करनेवाला देश का पहला एक्सचेंज
  • बीएसई आनलाइन ट्रेडिंग सिस्टम (बोल्ट) को वैश्विक स्तर पर मान्य इन्फार्मेशन सिक्युरिटी मैनेजमेंट सिस्टम स्टैंडर्ड बीएसई बीएस 7799-2-2002 प्राप्त करने वाला
  • फाइनेंशियल ट्रेनिंग के लिए अलग विशेष सुविधा की व्यवस्था करने वाला पहला एक्सचेंज
  • ट्रेडिंग रिंग सिस्टम से इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग की तरफ प्रयाण सिर्फ 50 दिनों में

बीएसई ने समान महत्त्व की अन्य परियोजनाओं के एक भाग के रूप में देश भर में निवेशकों की जागरूकता के लिए अभियान छेड़ा है। इसके लिए प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया का व्यापक उपयोग कर के जानकारी, मार्गदर्शन और जनजागृति का प्रचार किया जाता है।

सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पूंजी बाजार जागृति कार्यक्रमों को फैलाने में बीएसई ने सक्रिय भूमिका निभाई है।

वर्ष 2002 में स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई का नाम बदल कर बीएसई कर दिया गया। बीएसई ने भारत में सिक्युरिटीज (प्रतिभूति) ट्रेडिंग प्रस्तुत की, ट्रेडिंग रिंग की परम्परागत शेयर क्रय विक्रय पद्धति के स्थान पर बीएसई आनलाईन ट्रेडिंग (बोल्ट) के माध्यम से 1995 में ओटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम का श्री गणेश किया। 1997 में यह “बोल्ट “ नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर फैल गया।

बीएसई के इंटरनेशनल कन्वेंशन हाल में भारत का प्रथम बेल रिंगिंग समारोह (शेयर सूचीबद्धता का उत्सव घंटा बजाकर मनाने का कार्यक्रम) के साथ 2002 से नए इतिहास की शुरूआत की,

जब 18 फ़रवरी 2002 को भारती टेलीवेंचर्स लि. के शेयर लिस्टिंग का पहला समारोह सम्पन हुआ और आज यह नए आधुनिक युग की प्रथा बन गई है।

BSE सेंसेक्स में Listed टॉप 30 कंपनियां:-

NSE और BSE क्या है?
April 2023 तक

आशा करता हूं मेरे इस ब्लॉग NSE और BSE क्या है? से आप काफी कुछ सीखे होंगे |

बीएसई में कितनी कंपनी है?

वर्तमान मे BSE में लिस्टेड कंपनियां 5500 से भी अधिक है

विश्व का पहला स्टॉक एक्सचेंज कौन है?

विश्व का पहला संगठित स्टॉक एक्सचेंज 1602 के वर्ष में एमस्टरडम में स्थापित हुआ।

भारत में बीएसई की शुरुआत कब हुई?

भारत मे BSE की शुरुआत 1875 में हुई और यह भारत ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है |

शेयर कितने प्रकार के होते हैं?

व्यापक रूप से, दो प्रकार के शेयर हैं-इक्विटी शेयर और वरीयता शेयर। इक्विटी शेयर: इक्विटी शेयर को सामान्य शेयर के रूप में जाना जाता है।

भारत के शेयर बाजार को कौन नियंत्रित करता है?

SEBI (स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ) भारत मे शेयर बाजार को पूरी तरह से नियंत्रित करता है |

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