Share Market ka Fundamental Analysis in hindi

शेयर मार्केट का फंडामेंटल विश्लेषण करने के लिए सबसे पहले इस बात की जानकारी होना बेहद जरूरी है की शेयर मार्केट होता क्या है इसके बाद ही आप Share Market ka Fundamental Analysis के बारे में बेहतर से जान पाएंगे।

Share market ka Fundamental Analysis
Share market ka Fundamental Analysis

मैं उम्मीद करता हूं कि शेयर मार्केट के फंडामेंटल एनालिसिस करने से पहले आपको इस बात का अवश्य ज्ञान होगा की शेयर मार्केट आखिर है क्या?

Share Market :–

शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है जहां पर आप किसी कंपनी के शेयर्स खरीद और बेच सकते हो और जब आप किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते हो तो आप कुछ हद तक उस कंपनी के मालिक बन जाते हो लेकिन ध्यान रहे की आप किसी कंपनी के कितने शेयर्स खरीद सकते हो ये उस कंपनी के terms and policies पर निर्भर करता है।

किसी कंपनी के एक शेयर की कीमत कितनी होगी ये उस कम्पनी पर निर्भर करती है और कंपनी भविष्य में कितना प्रॉफिट करेगी या कंपनी का भविष्य कैसा है ये सब जानने के लिए ही हमें किसी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करना आना बेहद जरूरी है।

तो आइए चलते हैं फंडामेंटल एनालिसिस की जानकारी की ओर……..

किसी भी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करने के लिए काफ़ी ज्यादा रिसर्च करनी पड़ती है लेकिन मैं 08 ऐसे ratio बताऊँगा जो आपको कोई भी स्टॉक खरीदने से पहले जरूर मदद करेगा

Fundamental analysis of stocks
  1. PE Ratio
  2. Debt Equity Ratio
  3. Earning per share
  4. Return on Equity
  5. Price to book Ratio
  6. Dividend
  7. Working Capital Ratio
  8. Quick Ratio
1. PE Ratio :—

PE Ratio जिसे आमतौर पर price to earn ratio भी कहते हैं ये किसी भी स्टॉक को चुनने से पहले सबसे ज्यादा जरूरी ध्यान में दिया जाता है|

P/E रेश्यो हमें बताता है कि कोई शेयर कितने महंगे या सस्ते दामों पर मिल रहा है। बहुत ऊंचे वैल्यूएशन पर कभी भी शेयर मत खरीदें। व्यक्तिगत तौर पर मैं कभी भी 40 या 50 के P/E रेश्यो के ऊपर के शेयर नहीं खरीदता हूं, चाहे वह किसी भी कंपनी या सेक्टर के हों।

2. Debt Equity Ratio:—

Debt to Equity Ratio किसी भी कंपनी के लाभ को प्रदर्शित करता है| (D/E) का उपयोग किसी कंपनी के वित्तीय लाभ के मूल्यांकन के लिए किया जा सकता है और इसकी गणना इसकी शेयरधारक इक्विटी द्वारा कंपनी की कुल देनदारियों में भाग देने के जरिए की जाती है |

3. Earning per share :—

 ये ratio किसी कंपनी के एक शेयर के पीछे की कमाई को दर्शाता है|

EPS का अर्थ होता हैं Earning Per Share. जैसे की इसके नाम से ही पता चलता हैं ये रेश्यो कंपनी के एक शेयर के पीछे की अर्निंग को बताता हैं। EPS Ratio हमें बताता हैं की कोई कंपनी एक निश्चित पीरियड में एक कॉमन शेयर पर कितना प्रॉफिट कमा रही हैं।

4. Return on Equity:—

ROE सामन्यतः शेयर धारकों द्वारा लगायी गयी शुद्ध आय पर रिटर्न की एक ratio होती है |

Return on Equity: रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) वित्तीय प्रदर्शन की एक माप है जिसकी गणना शेयरधारकों की इक्विटी द्वारा शुद्ध आय को विभाजित करने के द्वारा की जाती है। चूंकि शेयरधारकों की इक्विटी इसके ऋण को छोड़कर कंपनी के एसेट के बराबर होती है, आरओई को नेट एसेट पर रिटर्न ही समझा जाता है।

इसलिए कोई भी स्टॉक खरीदने से पहले उसका ROE जरूर चेक कर ले|

ROE जितना ज्यादा हो उतना अच्छा माना जाता है ओर आमतौर पर 10‐15 से ऊपर का ROE अच्छा माना जाता है |

5.Price to book Ratio:—

किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले उसकी P/B ratio जरूर चेक कर लेना चाहिए|

प्राइस टू बुक वैल्यू रेशियो या PB Ratio निकालने के लिए कंपनी के कुल शेयर के मार्केट प्राइस को उसकी बुक वैल्यू से डिवाइड करने होता है। अगर PB Ratio 1 से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि वह कम्पनी ओवर वैल्यूड है और अगर यह रेशियो 1 से कम है तो वह कम्पनी अंडर वैल्यूड है।

किसी कंपनी की बुक वैल्यू केसे निकालते हैं ये प्रश्न जरूर आपके दिमाग में जरूर आयी होगी तो चलो मैं आपको बताता हूं..

किसी कंपनी की कुल सम्पतियों (Assets) में से कुल दायित्व (Liabilities) घटा देने पर कंपनी की बुक वैल्यू निकल कर आती है। कहने का मतलब है कि कंपनी के कुल दायित्वों को चुकाने के बाद कंपनी के पास अपने शेयर होल्डर्स के लिए जो एसेट या पैसा बचता है, वह कंपनी की बुक वैल्यू होती है|

6.Dividend:–

जब कोई कंपनी अपने प्राप्त लाभांश को अपने शेयर धारकों में बांट देती है तो उसे डिविडेंड कहते हैं |

यह पूरी तरह कंपनी पर निर्भर करता है कि वो अपने शेयर धारकों को कितना डिविडेंड देना चाहते हैं|

कुछ कंपनियां अपने शेयर धारकों को अच्छा खासा डिविडेंड pay out करते हैं वहीं कुछ कंपनियां बिल्कुल भी डिविडेंड नि देती |

Dividend Yield

कुछ कंपनियां अपने शेयरधारकों को समय-समय पर अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा देती रहती हैं. मुनाफे का यह हिस्सा वे शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में देती हैं. इन्हें डिविडेंड यील्ड स्टॉक भी कहते हैं|

पिछले कुछ समय मे बेहतर dividend देने वाली कंपनी

डिविडेंड देने वाली मुख्य कंपनियां
7. Working capital Ratio

ये ratio किसी कंपनी की वर्त्तमान संपति और उसकी कितनी देनदारियां हैं उस पर निर्भर करती है |

Working capital ratio को वर्तमान अनुपात (Ratio) भी कहा जाता है जो किसी भी कंपनी की वर्तमान संपत्ति और वर्तमान देनदारियों पर केंद्रित होता है।

यह किसी भी फर्म के वित्तीय स्वास्थ्य का विश्लेषण करने में मदद करता है और क्या वे मौजूदा संपत्तियों के साथ मौजूदा देनदारियों का भुगतान करने में सक्षम होंगे।

Working capital ratio कैसे निकालते हैं आइए इस पर बात करते हैं

मान लीजिए, आपके पास 10,00,00000 की वर्तमान संपत्ति है और वर्तमान देनदारी यानी बकाया 8,00,00000 हो तो इस कंडीशन में आपके पास 2,00,00000 रुपये वर्किंग कैपिटल यानी कार्यशील पूंजी बचती है,

जिससे आप अपने बिजनेस का संचालन करेंगे इसे ही शेयर बाजार की भाषा मे working capital ratio कहते हैं

8. Quick Ratio:—

ये किसी कंपनी के पास उसके कर्जो का भुगतान करने के लिए उसके पास पड़े तरल कैश को बताता हैं यानी कि वो संपति जिसका भुगतान कंपनी liquid रूप मे करती है|

कहते हैं एक अच्छा त्वरित अनुपात 1 या 1:1 से ऊपर होता है। 1:1 के अनुपात का मतलब होगा कि कंपनी के पास मौजूदा देनदारियों के बराबर तरल संपत्ति है। एक उच्च अनुपात इंगित करता है कि कंपनी कई बार मौजूदा देनदारियों का भुगतान कर सकती है|

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PB or PE Ratio kya hai

मौलिक विश्लेषण का क्या अर्थ है?

मौलिक विश्लेषण किसी भी कंपनी के भविष्य में कमाई के साधनों और उसके वर्तमान मे कमाई की स्थिति को दर्शाता है

शेयर बेचने पर कितना चार्ज लगता है?

शेयरों की बिक्री पर सेलर को 0.025 फीसदी टैक्स देना पड़ता है. यह टैक्स शेयरों के बिक्री मूल्य पर देना पड़ता है.



किसी कंपनी का शेयर कब बढ़ता है?

जब स्टॉक की मांग अधिक होती है लेकिन आपूर्ति कम होती है, तो इससे उन शेयरों की कीमत बढ़ जाती है



कौन सा शेयर सबसे ज्यादा रिटर्न देता है

बड़ौदा रेयॉन इंडस्ट्री साल 2022 का सबसे बड़ा मल्टीबैगर शेयर बना है



शेयर बाजार में लाखों किसने कमाए हैं?

कुछ अरबपतियों ने शेयर बाजार में अपना भाग्य बनाया। सूची में जॉन पॉलसन, वारेन बफेट, जेम्स सिमंस, रे डेलियो, कार्ल इकन और डैन लोएब शामिल हैं। वहीं भारत से राकेश झुनझुनवाला,विजय केडिया, राधाकृष्ण Damani सबसे मशहूर इनवेस्टर हैं

P/B or P/E रेशियो क्या है?PB or PE Ratio in Hindi

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