SIP क्या होती है| What is SIP,Full Form And its Importance

SIP क्या होती है| What is SIP,Full Form And its Importance
SIP क्या होती है| What is SIP,Full Form And its Importance
SIP का फुल फॉर्म :–

Systematic Investment Plan

SIP Account क्या होता हैं –

जब हम SIP में निवेश करते हैं, तो सबसे पहले हमें एक SIP खाते की आवश्यकता पड़ती है। जब हम या आप SIP में निवेश करने का मन बना लेते हैं तो हमे अगला कदम यह पता लगाना होता है कि ऐसा कैसे किया जाए।

हम SIP Monthly,Weekly, और Quarterly भी कर सकते हैं या Lumpsum Scheme की मदद से एक बार में भी सभी निवेश कर सकते हैं।

SIP में,इनवेस्टर के सेविंग अकाउंट से एक निश्चित राशि निकाली जाती है और उनके द्वारा चुने गए म्यूचुअल फंड में डाल दी जाती है। यह ज्यादातर Autopay ही की जाती है|

अधिकांश माना जाता है कि बेहतर रिटर्न के लिए आपके पोर्टफोलियो में 3-4 ही म्युचुअल फंड ही होने चाहिए|

SIP कैसे काम करता है

जब हम किसी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के लिए SIP के तरीके का उपयोग करते हैं, तो हम निवेश की गई राशि के बराबर फंड के यूनिट की एक निश्चित संख्या खरीदते हैं।यह बढ़ती और गिरती दोनों प्रवृत्तियों में हो सकती है।

SIP के माध्यम से निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हमे मार्केट को समय देने की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि हम मार्केट के बढ़ते और गिरते दोनों Trends से लाभान्वित होते हैं।

जब मार्केट नीचे जा रहा होता है तो हम अधिक फंड यूनिट खरीदते हैं और जब बाजार ऊपर जा रहा होता है तो हम कम फंड यूनिट खरीदते हैं।

चूंकि सभी म्युचुअल फंडों का NAV (Net Asset Value) हर दिन अपडेट होता है, इसलिए खरीदने की कीमत एक SIP भुगतान से दूसरे में बदल सकती है। समय के साथ, खरीदारी की लागत औसत या ज्यादा और कम हो जाती है। इसे “Average of Cost in Rupees” कहते है। जब आप एकमुश्त निवेश करते हैं तो आपको यह लाभ नहीं मिल पाता है।

SIP के लिए जरूरी दस्तावेज :–

SIP में निवेश के लिए हमें कुछ दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है। शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टोकरेंसी इत्यादि में निवेश करने के लिए या अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है जो निम्नलिखित है:–

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक अकाउंट
  • बैंक स्टेटमेंट
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • चेक बुक
  • अगर आपके पास ये सारे दस्तावेज है तो आप आसानी से SIP में निवेश कर सकते हैं इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन के जरिए या वेबसाइट के जरिए अकाउंट बना कर निवेश किया जा सकता है|
Power of Compounding

कंपाउंडिंग या चक्रवृद्धि व्याज को बहुत शक्तिशाली कहा जाता है। यहां तक कि कुछ विद्वान इसे “दुनिया का आठवां अजूबा “ भी कहते हैं|कंपाउंडिंग के साथ हम लंबे समय तक हर महीने एक छोटी राशि की बचत करने से लंबे समय मे एक बड़ी धनराशि जोड़ सकते हैं। लंबी अवधि के लिए नियमित निवेश आपको बेहतरीन रिटर्न दे सकता है।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के लाभ
  1. यू तो SIP के बहुत सारे लाभ हैं जिनमे से प्रमुख है:–
  2. आप 1 छोटे अमाउंट से भी SIP की शुरुआत कर सकते हैं जिससे SIP और भी खास हो जाती है|कई म्युचुअल फंड तो 100-200 से भी SIP शुरू करने की सुविधा देते हैं|
  3. SIP में आपको Lumpsum की तरह इक्कठे पैसे की जरूरत नहीं पड़ती जो इसे Lumpsum के मुकाबले ज्यादा मददगार और लाभदायक सिद्ध करती है|
  4. SIP में हमें लचीलेपन की सुविधा मिल जाती है यानी हम कभी भी SIP की रकम को कम या ज्यादा कर सकते हैं और SIP की तारीख भी बदल सकते हैं|
  5. SIP आपके पैसे को संतुलित करती है यानी बाजार में उतार चढाव के हिसाब से SIP पैसे को adjust कर लेती है जिसके परिणामस्वरूप आपको कई बार कम तो कई बार ज्यादा NAV मिलती है|
  6. SIP का सबसे बड़ा फायदा उसको मिलने वाला Power of Compounding का लाभ है जो SIP के पैसे को बढ़ते समय के साथ grow करता जाता है जो एक समय के पश्चात बहुत बड़ा अमाउंट बन जाता है|
  7. अगर आप भी Compounding का लाभ उठाना चाहते हैं तो आज ही निवेश शुरू कर दीजिए ताकि आप कम उम्र में ही financially Free हो जाए|
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट (SIP) के नुकसान :–
  • अगर आप नियमित SIP का भुगतान सही समय पर नहीं करते तो आपको काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
  • SIP Plan में हमें हर महीने पैसों की जरूरत पड़ती है, जिसका इंतजाम करना ही पड़ता है।
  • कई बार मार्केट की अस्थिरता की वज़ह से नुकसान होने की आशंका बनी रहती है।
  • यदि मार्केट में ज्यादा उतार-चढाव हो तो उस समय अच्छे रिटर्न की संभावना कम हो जाती है।
  • अगर इनवेस्टर के पास नियमित आय का स्रोत नहीं है तो SIP न भर पाने पर उसे नुकसान उठाना पड़ता है।
SIP के प्रकार ( Type Of SIP )

1. रेगुलर SIP

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है, रेगुलर SIP, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का सबसे सरल प्रकार है। रेगुलर SIP के तहत, आपको नियमित भुगतान करना होता है, जो monthly, Weekly या Quarterly भी हो सकता है|

इसमे आप अपने हिसाब से समय समय पर मूल्य को कम या बढ़ा सकते हैं तथा SIP किस तारीख को करना चाहते हैं इसका चुनाव भी खुद अपने हिसाब से कर सकते हैं|

2. टॉप-अप SIP

SIP के इस तरीके को हम “Step-Up SIP” भी कहते हैं|यह SIP हमें निर्धारित समय पर अपना योगदान बढ़ाने की सुविधा देता है। टॉप-अप SIP में हम नियमित समय के अन्तराल पर अपने SIP में अधिक पैसा जोड़ सकते हैं।

Top-up SIP और कंपाउंडिंग की पावर के साथ, आप समय के साथ बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं और अपने आगामी लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए :–टॉप-अप SIP में हम हर महीने 1,000 रुपये का निवेश शुरू कर सकते हैं और फिर फंड हाउस को अवधि के अंत तक हर छह महीने या साल में 1,000 रुपये की राशि बढ़ाने के लिए भी कह सकते हैं।यानी पहले 6 महीने या 1 साल में आपकी SIP 1000 होगी जो अगली अवधि में बढ़कर 2000 फिर 3000 इसी तरह से बढ़ती चली जाएगी|

3. ट्रिगर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान:–

एक ट्रिगर SIP केवल एक निश्चित समय पर ही activate की जाती है जिसके लिए आपको मार्केट का ज्ञान होना अति आवश्यक है|जैसे कि
आप स्टॉक मार्केट, NAV स्तर, या इंडेक्स स्तर पर होने वाली अच्छी चीज़ों के लिए ट्रिगर सेट कर सकते हैं।और यदि आपको मार्केट की अच्छी जानकारी है तो आप इससे काफी अच्छा पैसा बना सकते हैं

लेकिन ध्यान रहे ट्रिगर SIP के लिए आपको मार्केट का ज्ञान होना निहायत ही जरूरी है|

4. Flexible SIP

Flexible SIP या एक लचीली SIP भी एक नियमित SIP की तरह ही काम करती है इसे मार्केट में फ्लेक्सी SIP के नाम से भी जाना जाता है।रेगुलर और Flexible SIP के बीच बस फर्क सिर्फ इतना है कि आप प्रत्येक में कितना पैसा डालते हैं।

फ़्लेक्सी SIP में, आप डाली गई राशि को किसी भी समय बदल सकते हैं। फ्लेक्सी SIP आपको नियमित SIP की तुलना में निवेश पर अधिक नियंत्रण प्रदान करती है क्योंकि आप अपनी निवेश की गई राशि को किसी भी समय बदल सकते हैं।

5. Perpetual SIP


Perpetual SIP में SIP की कोई निर्धारित अवधि नहीं होती है। इन्वेस्टमेंट प्लान तब तक बना रहता है जब तक व्यक्ति नियमित भुगतान करता रहता है। इसे रोकने का एकमात्र तरीका है कि इनवेस्टर फंड हाउस को बंद करने के लिए कहे। इस एक तरीक़े को छोड़कर, रेगुलर प्लान और Perpetual SIP प्लान में कोई ज्यादा अंतर नहीं है।

यदि एक निवेशक के रूप में आपके मन में कोई मुख्य लक्ष्य या समय सीमा की परेशानी नहीं है, तो आप एक Perpetual SIP को जरूर चुन सकते हैं|

SIP में निवेश करने के लिए बेस्ट फंड :–
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