Which One is Better Trading Or Investment|ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में कौन बेहतर है |

यदि आप भी शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने की सोच रहे हैं लेकिन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में फर्क नहीं समझते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए है जो आपको बताएगा Which One is Better Trading Or Investment|ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में कौन बेहतर है |

अगर मैं अपने एक्सपीरियंस के आधार पर और ईमानदारी से जवाब दूँ तो इन्वेस्टमेंट हमेशा ट्रेडिंग से एक बेहतर ऑप्शन रहा है|

क्योंकि सेवी जो की मार्केट को कंट्रोल करती है उसके मुताबिक हर 10 में से 9 लोग अपना पैसा ट्रेडिंग में गवाते हैं वही इन्वेस्टमेंट लंबे समय में हर किसी को एक बेहतर रिटर्न बना कर देती है|

Table of Contents

ट्रेडिंग क्या होती है :-

शेयर मार्केट में शेयर को खरीदना और बेचना ट्रेडिंग कहलाती है
वहीं यदि जब आप किसी स्टॉक को एक दिन में खरीद कर उसी दिन बेच देते हो तो उसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं

और यह वही यदि आप उसे लंबे समय के लिए रोक कर रखते हैं तो उसे डिलीवरी ट्रेडिंग कहते हैं|

उदाहरण के लिए अपने किसी शेर को ₹100 में खरीद कर 110 रुपए पर उसे बेच दिया इसी कार्रवाई को हम शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कहते हैं|

ट्रेडिंग एक जटिल प्रक्रिया है सेबी यानी की सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया के मुताबिक ट्रेडिंग में हर 10 में से 9 आदमी अपना पैसा गवाते हैं इसीलिए ट्रेडिंग को काफी रिस्की मानी जाती है|

ट्रेडिंग करने के लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस चार्ट पेटर्न को समझना आना बेहद जरूरी है|

बिना अनुभव और बिना कुछ सीखे आप ट्रेडिंग में नहीं कूद सकते नहीं तो आप अपना काफी ज्यादा नुकसान कर बैठोगे|

वही इंट्राडे ट्रेडिंग पर न्यूज़ का भी काफी ज्यादा असर होता है यदि न्यूज़ किसी शेयर को लेकर सकारात्मक आती है तो शेयर का प्राइस बढ़ने के काफी ज्यादा चांसेस होते हैं|

वहीं यदि न्यूज़ नकारात्मक पक्ष में आती है तो वह शेयर काफी गिर सकता है|
इसीलिए इंट्राडे करते समय न्यूज़ का विशेष ध्यान रखें|

ट्रेडिंग के मुख्य प्रकार :‐

यूं तो ट्रेडिंग कहीं तरह की होती है लेकिन फिर भी पांच तरह की ट्रेडिंग्स को सबसे मुख्य माना जाता है जो निम्नलिखित है :–

इंट्रा-डे ट्रेडिंग

इंट्राडे ट्रेडिंग मैं आप जिस दिन शेर को खरीदते हैं उसी दिन आपको शेयर को बेचना पड़ता है|

भारतीय शेयर मार्केट सुबह 9:00 पर खुलता है और शाम को 3:30 पर बंद हो जाता है|

यदि आप 3:20 पर किसी शेर को इंट्राडे ट्रेडिंग में नहीं बेचते हो तो जिस ऐप् से आपने शेयर खरीदा था वह खुद से ही शेयर बेच देता है|

स्काल्पिंग ट्रेडिंग

स्काल्पिंग ट्रेडिंग भी इंट्राडे ट्रेडिंग की तरह ही होती है इसमें भी आप किसी भी समय किसी शेयर को खरीद सकते और किसी भी समय बेच सकते हैं जिस पर आपको लाभ या नुकसान होता है|

आपका लाभ और नुकसान इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कौन सा है और किस तरह का ट्रेड लिया हुआ है|

स्विंग ट्रेडिंग:-

स्विंग ट्रेडिंग में आप इंट्राडे की तरह एक ही दिन में शेयर को बेचने के लिए बाध्य नहीं होते हैं|

यदि आपको लगता है कि आपको एक दिन में किसी शेयर में नुकसान हो रहा है तो आप उस शेयर को लंबे समय तक भी होल्ड करके रख सकते हैं

और जिस समय आपको मुनाफा होता है तो आप इस समय उस शेयर को बेच सकते है|

मोमेंटम ट्रेडिंग:-

मोमेंटम ट्रेडिंग में शेरहोल्डर थोड़े समय के लिए आते हैं और काफी अच्छा मुनाफा कमा कर चले जाते हैं|

यानी कि जब किसी शेयर की कोई अच्छी खबर आती है और शेयर प्राइस ऊपर जाने का चांस बढ़ता है तो ट्रेडर शेयर को खरीद लेते हैं…

और जैसे ही उस शेयर से जुड़ी हुई कोई बुरी खबर आती है और मार्केट गिरने का चांस बढ़ता है तो उससे पहले ही वह शेरहोल्डर्स शेयर को बेचकर अच्छा मुनाफा कमा कर वहां से निकाल लेते हैं|

यह ट्रेडिंग पूरी तरह से मोमेंटम पर आधारित होती है इसीलिए इसे मोमेंटम ट्रेडिंग कहते हैं|

पोजीशनल ट्रेडिंग :-

यह ट्रेडिंग मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो शेयर मार्केट में नियमित रूप से नहीं होते हैं यह लोग केवल कुछ समय के लिए आते हैं और अच्छा मुनाफा कमा कर जल्दीनिका मार्केट से निकल लेते हैं|

इन्वेस्टिंग क्या होती है

जब आप किसी शेयर को खरीद कर उसे लंबे समय तक अपने डिमैट अकाउंट में रखते हैं यह समय 5 साल 10 साल या 15 साल तक का भी हो सकता है तो उसे हम शेयर मार्केट की भाषा में इन्वेस्टिंग करना कहते हैं|

लंबे समय के लिए किया गया निवेश बेहतर होता है
इसमे पैसे डूबने का चांस बहुत कम होता है और यह निवेश लंबे समय में आपको काफी अच्छे मल्टीबैगर रिटर्न बना कर देते हैं|

इन्वेस्टमेंट के लिए आपको किसी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस आना बहुत जरूरी है|

क्योंकि फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर ही आप किसी बेहतर कंपनी का चुनाव कर सकते हैं|

आप फंडामेंटल एनालिसिस को मेरे अन्य पोस्ट में पढ़ सकते हैं|

इन्वेस्टमेंट को भविष्य का निवेश भी कहा जाता है|

आप पढ़ रहे हैं Which One is Better Trading Or Investment|ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में कौन बेहतर है |

इन्वेस्टिंग के प्रकार (Types of Investing)
वैल्यू इन्वेस्टिंग:-

वैल्यू इन्वेस्टिंग में जब आप किसी अच्छी कंपनी का शेयर प्राइस किसी कारणवश नीचे आता है तो आप उसका विश्लेषण करके उसमें पैसा निवेश करते हो जो आपको लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की काबिलियत रखते हैं|

यह कंपनी आपको बेहतर वैल्यू प्रदान करती है इसलिए इसे वैल्यू इन्वेस्टिंग कहते हैं|

ग्रोथ इन्वेस्टमेंट :-

ग्रोथ इन्वेस्टमेंट काफी लंबे समय के लिए किया गया निवेश होता है|

इसमें इन्वेस्टर कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करके उसमें 10 से 15 सालों तक निवेश करके रख देता है जिससे उसके पैसे काफी ज्यादा ग्रोथ हो जाते हैं|

लंबे समय के निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कंपाउंडिंग काम करती है और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा आपको साफ तौर पर देखने को मिल जाता है|

ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में अन्तर :–
  • ट्रेडिंग कम समय के लिए की जाती है और Investing लंबे समय के लिए|
  • ट्रेडिंग में टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करते है वहीं इन्वेस्टमेंट के लिए फंडामेंटल एनालिसिस का इस्तेमाल किया जाता है|
  • ट्रेडिंग में कम समय में हम ज्यादा पैसा कमाई कर सकते हैं लेकिन इन्वेस्टमेंट में आपको कमाई करने के लिए बहुत ज्यादा समय लगता है।
  • ट्रेडिंग में ब्रोकर शुल्क बहुत ज्यादा होता हैं जबकि इन्वेस्टिंग में ब्रोकर शुल्क ना के बराबर होता है।
  • ट्रेडिंग काफी ज्यादा रिस्की होती है इसमें 10 में से 9 ट्रेड अपना पैसा गँवा देते हैं वहीं इन्वेस्टिंग में लंबे समय में हर कोई पैसे को दोगुना कर लेता है|
  • ट्रेडिंग के लिए आपको बहुत ज्यादा मार्केट ज्ञान की जरूरत होती है जिसमें टेक्निकल एनालिसिस चार्ट पेटर्न को समझा इत्यादि शामिल है जो की इन्वेस्टमेंट के लिए काफी ज्यादा कुछ मेहनत नहीं करनी पड़ती है

मैं उम्मीद करता हूं यह ब्लॉग Which One is Better Trading Or Investment|ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में कौन बेहतर है |काफी बेहतर साबित हुआ होगा|

ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट दोनों के लिए आपको एक Demat Account की आवश्यकता होती है जिसे आप नीचे दिए गए लिंक पर जाकर बड़ी आसानी से खोल सकते हैं :–

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मैं पर्सनली ग्रो को इस्तेमाल करता हूं क्योंकि यह नए यूजर को एक बेहतर इंटरफेस प्रदान करता है|


जो आपको शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के अलावा म्युचुअल फंड में निवेश का भी ऑप्शन प्रदान करता है|

क्या मोबाइल से ट्रेडिंग कर सकते हैं?

जी हां|
मोबाइल ट्रेडिंग शुरू करने के लिए, आपको एक ब्रोकरेज फर्म के साथ खाता खोलना होगा जो मोबाइल ट्रेडिंग एप प्रदान करता है।

सबसे सुरक्षित ट्रेडिंग कौन सी है?

Swing Trading

ट्रेडिंग का चार्ज कितना है?

ब्रोकरेज शुल्क ट्रांज़ैक्शन के कुल मूल्य के 0.01% से 0.5% के बीच होता है.

भारत में कितने लोग ट्रेडिंग करते हैं?

वर्तमान में भारत मे 7-8% लोग ट्रेडिंग करते हैं|

भारत में नंबर 1 शेयर बाजार कौन है?

NSE जिसका पूरा नाम नैशनल स्टॉक एक्सचेंज है और मुख्यालय मुंबई में है|

अपने पैसे कहाँ इन्वेस्ट करें?

बेहतर प्रॉफिट के लिए PPF,NPS,और म्युचुअल फंड में निवेश करें|

4 प्रकार के निवेश क्या हैं?

स्टॉक एक्सचेंज, कॉरपोरेट बॉन्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट, रियल एस्टेट और गोल्ड के जरिए शेयरों में निवेश सबसे आम है।

भारत का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड कौन सा है?

यूनियन ट्रस्ट ऑफ इंडिया

भारत में सबसे महंगा स्टॉक कौन सा है?

MRF (मद्रास रबर फैक्ट्री)
जिसके एक शेयर की कीमत 1,19,977 रुपये के करीब है|

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